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बिलासपुर जिले के घुमारवीं में गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय सीर उत्सव के दौरान ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार देर शाम उत्सव स्थल पर विभागीय प्रदर्शनियों के बीच कुछ कर्मचारी कथित तौर पर शराब का सेवन करते नजर आए।
जिस परिसर में दिनभर विभिन्न सरकारी विभागों की प्रदर्शनियां लगाई गई थीं और लोगों को सरकार की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी दी जा रही थी, उसी परिसर में शाम के समय शराब का सेवन किए जाने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि शराब सेवन का स्थान सांस्कृतिक कार्यक्रम के मंच से करीब 50 मीटर की दूरी पर था। उस समय मंच पर कार्यक्रम चल रहा था और मौके पर सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे।
मामला इसलिए भी चर्चा में आ गया है क्योंकि गांधी जयंती के अवसर पर शराब की बिक्री बंद रखने के आदेश लागू थे। ऐसे में आयोजन स्थल के भीतर शराब पहुंचने और उसके सेवन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
जब शराब की दुकानें बंद थीं तो आयोजन स्थल तक शराब पहुंची कैसे?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब गांधी जयंती के दिन शराब की बिक्री बंद थी, तो सरकारी आयोजन स्थल के भीतर शराब पहुंची कैसे? क्या शराब बाहर से लाई गई थी या आयोजन स्थल के आसपास किसी अन्य माध्यम से इसकी व्यवस्था हुई? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
इस मामले ने इसलिए भी सवाल खड़े किए हैं क्योंकि गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से आमतौर पर नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज का संदेश दिया जाता है। ऐसे में यदि सरकारी आयोजन स्थल पर ही शराब के सेवन की तस्वीरें सामने आती हैं, तो आयोजन की व्यवस्था और निगरानी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
मामला सामने आने के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि आयोजन स्थल पर शराब किस तरह पहुंची और शराब का सेवन करने वाले लोग कौन थे।
एसडीएम ने कही जांच की बात
घुमारवीं के एसडीएम अभिषेक बरवाल ने मामले की जांच की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आयोजन स्थल पर शराब कैसे पहुंची, वहां इसका सेवन किसने किया और इस मामले में जिम्मेदारी किसकी बनती है।
