
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के पुत्र एवं हिमाचल सरकार के मंत्री विक्रमादित्य सिंह की शादी चंडीगढ़ की डॉ. अमरीन कौर के साथ हो रही है। डॉ. अमरीन कौर अगले महीने विक्रमादित्य के साथ सात फेरे लेंगी। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) चंडीगढ़ के मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमरीन कौर और मंत्री विक्रमादित्य सिंह की शादी का आयोजन 22 सितंबर को चंडीगढ़ में किया जाएगा। अमरीन कौर सेक्टर-2 चंडीगढ़ की निवासी हैं और इन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की है।
डॉ. अमरीन कौर के पास अंग्रेजी और मनोविज्ञान में दो मास्टर डिग्रियां हैं साथ ही इन्होंने मनोविज्ञान में पीएचडी की उपाधि भी हासिल की है। अमरीन के पिता सरदार जोतिंदर सिंह सेखों हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील हैं, जबकि माता सरदारनी उपिंदर कौर सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रही हैं। इनका विवाह अगले महीने 22 को सुबह 10 बजे से शुरू होगा, इसके बाद दोपहर एक बजे लंच का आयोजन रहेगा। बताया जा रहा है कि इस विवाह समारोह में पंजाब यूनिवर्सिटी के शिक्षाविद, प्रोफेसर और विभिन्न राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी।
बता दें कि विक्रमादित्य सिंह की यह दूसरी शादी है। उनकी पहली शादी मार्च 2019 को राजस्थान की सुदर्शना सिंह से हुई थी, लेकिन वैवाहिक मतभेदों के कारण 2020 में दोनों तलाक लेकर एक-दूसरे से अलग हो गए थे। डॉ. अमरीन कौर विक्रमादित्य सिंह की दोस्त हैं। वह करीब 35 साल की हैं और उनकी यह पहली शादी है।
विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश के एक प्रमुख राजनेता और कांग्रेस पार्टी के नेता हैं। वे हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के पुत्र हैं। वर्तमान में, वे हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), तथा शहरी विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री हैं। वे शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने हिमाचल के बिशप कॉटन स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज से इतिहास में स्नातक किया। इसके बाद, उन्होंने लंदन से इतिहास में मास्टर्स डिग्री हासिल की।
विक्रमादित्य सिंह ने 2013 में राजनीति में प्रवेश किया और हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने। वे 2017 में पहली बार शिमला ग्रामीण से विधायक चुने गए और 2022 में दोबारा इस सीट से जीत हासिल की। 2022 में, उन्हें सुक्खू सरकार में लोक निर्माण विभाग, युवा सेवा और खेल विभाग का मंत्री बनाया गया। बाद में उन्हें शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई। वर्तमान में इनके पास लोक निर्माण विभाग और शहरी विकास की जिम्मेदारी है।
