प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता विपक्ष को हर बात पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष में बैठने से जयराम ठाकुर परेशान रहते हैं। इस पर जयराम ने पलटवार करते हुए कहा कि मैं अपने स्वभाव के अनुरूप बहुत शांत रहता हूं, लेकिन सदन में दी जा रही गलत जानकारियों को नहीं सुन सकता हूं।

कुछ सवालों से संबंधित जानकारियां ही एकत्रित होने के जवाब मिलने पर भाजपा विधायकों ने एतराज जताया। भाजपा विधायक जीतराम कटवाल और नेता विपक्ष ने सवाल पूछा था कि बीते तीन साल के दौरान विभागों में कितने पद भरे गए। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारियां विस्तृत हैं। ऐसे में एकत्र करने में समय लग रहा है। हम व्यवस्था बदलकर अगले सत्र में जवाब देेंगे। इस पर जयराम ने कहा कि पूर्व के सत्र में यह सवाल लगा था, तब भी जानकारी ही एकत्र हो रही थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। एक अन्य सवाल का भी जवाब नहीं मिलने पर विधायक कटवाल ने कहा कि यह सूचना एकत्र करने वाला सवाल ही नहीं है। या तो सरकार ने नौकरियां दी नहीं हैं या बहुत अधिक दी हैं। यह ब्योरा तो होना चाहिए।

विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 700 गृह रक्षकों के पद भरने को स्वीकृति दी है। एनआईसी की ओर से साफ्टवेयर तैयार करने का काम किया जा रहा है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गृह रक्षा विभाग में 2016 से 2021 तक 1759 गृह रक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रत्येक गृह रक्षक को 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया है। शेष राशि का भुगतान वित्तीय स्थिति ठीक होने पर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भाजपा नेता केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक मदद को रुकवा रहे हैं। इस कारण ही स्थिति में सुधार नहीं हो रहा। सरकार अपने स्तर पर सुधार कर रही है। जल्द ही देनदारियां चुका दी जाएंगी। इससे पूर्व विधायक सुधीर शर्मा और रणवीर सिंह निक्का ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों को एरियर का भुगतान नहीं होने के कारण परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है।

भाजपा विधायक त्रिलोक जंबाल ने एचआरटीसी के सर्वे पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिलासपुर से जाहू वाया कंदरौर-हरलोग बस बंद होने से स्कूल, कॉलेज और आईटीआई के विद्यार्थियों को परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। यह बस 15 पंचायतों से होकर गुजरती थी। स्कूल और आफिस टाइम को देखते हुए बस सेवा शुरू हुई थी। बस सेवा बंद होने पर 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उपायुक्त बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा था, चक्का जाम भी किया था। अब सरकार की ओर से सदन में बताया जा रहा है कि एचआरटीसी ने सर्वे किया और पाया कि सिर्फ 27 बच्चे ही बस में जाते है। इसलिए बस को बंद करना पड़ा है। विधायक ने कहा कि सर्वे गलत है, इसे पटल पर रखा जाना चाहिए। जवाब में उपमुख्यमंत्री की गैर मौजूदगी में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सर्वे की सूचना जल्द दे दी जाएगी। अगर विद्यार्थियों की संख्या अधिक है तो बस सेवा शुरू करने पर विचार होगा।