हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मेडिकल ऑफिसर (जनरल विंग) ग्रुप-ए (जॉब ट्रेनी) भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग ने कुल 232 विज्ञापित पदों के विरुद्ध 162 अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया है, जबकि विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के 70 पद पात्र उम्मीदवार उपलब्ध न होने के कारण रिक्त रह गए हैं। 

आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार मेडिकल ऑफिसर भर्ती के लिए 15 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया के तहत 22 फरवरी 2026 को स्क्रीनिंग टेस्ट और सब्जेक्ट एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT) आयोजित किया गया। 16 मई 2026 को परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद 299 अभ्यर्थियों को व्यक्तित्व परीक्षण (पर्सनैलिटी टेस्ट) के लिए चुना गया। पर्सनैलिटी टेस्ट 1 जून से 11 जून 2026 तक आयोजित किए गए, जिसके आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई।

आयोग ने सामान्य वर्ग के सभी 49 पद भर दिए हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के 14, अनुसूचित जनजाति के 7, अन्य पिछड़ा वर्ग के 20 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 12 पदों पर भी चयन किया गया है। वहीं वार्ड ऑफ एक्स-सर्विसमैन श्रेणी के 59 पद भी भरे गए हैं।

आयोग के अनुसार ऑर्थो फिजिकली हैंडीकैप्ड, एक्स-सर्विसमैन और वार्ड ऑफ फ्रीडम फाइटर की कुछ श्रेणियों में पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हुए। इसके चलते कुल 70 पद खाली रह गए। इनमें 18 पद यूआर (ऑर्थो फिजिकली हैंडीकैप्ड), 35 पद यूआर एक्स-सर्विसमैन, 2 पद एससी वार्ड ऑफ फ्रीडम फाइटर, 5 पद एससी एक्स-सर्विसमैन, 3 पद एसटी ऑर्थो फिजिकली हैंडीकैप्ड, 2 पद एसटी एक्स-सर्विसमैन, 2 पद ओबीसी वार्ड ऑफ फ्रीडम फाइटर और 3 पद ओबीसी एक्स-सर्विसमैन श्रेणी के शामिल हैं।

मेरिट में श्रेया वालिया प्रथम
जारी मेरिट सूची में श्रेया वालिया पहले स्थान पर रही हैं। दूसरे स्थान पर श्रेया चंदेल और तीसरे स्थान पर शगुन शर्मा हैं। सूची में रविकांत, शिवानी शर्मा, साक्षी ठाकुर, शुभांगी, आरती, दिव्या चौहान और राकेश कुमार सहित 162 अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं।

42 पद अन्य श्रेणियों से भरे
आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूर्व सैनिक आश्रित श्रेणी में पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण 42 पदों को संबंधित अवशिष्ट श्रेणियों से भरा गया है। इनमें 24 पद सामान्य, 8 एससी, 5 एसटी और 5 ओबीसी श्रेणी के हैं। यह कार्रवाई प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की गई है।

आयोग ने कहा है कि परिणाम उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। साथ ही किसी तकनीकी त्रुटि की स्थिति में परिणाम में संशोधन का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा।