शिमला, 31 अगस्त 2026। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की सातवीं बैठक सोमवार को तीन दिन के अवकाश के बाद फिर शुरू होगी। सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे शुरू होगी। पिछली बैठकों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस और हंगामे को देखते हुए सोमवार की बैठक भी गरम रहने के आसार हैं।

बैठक से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने मुद्दों को लेकर रणनीति तैयार कर सकते हैं।

पहले एक घंटे में प्रश्नकाल

कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 2 से 3 बजे तक प्रश्नकाल होगा। इसके बाद आधे घंटे का शून्यकाल प्रस्तावित है। शून्यकाल के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सप्ताह की शासकीय कार्यसूची की जानकारी सदन को देंगे और कुछ कागजात भी पटल पर रखेंगे।

कल्याण समिति के सभापति मोहनलाल ब्राक्टा समिति का प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखेंगे।

नैनो यूरिया और सड़कों का मुद्दा उठेगा

नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर संबंधित मंत्री जवाब देंगे। विधायक भवानी सिंह पठानिया किसानों को नैनो यूरिया प्लस खरीदने के लिए कथित तौर पर मजबूर किए जाने का मामला उठाएंगे।

वहीं, नैना देवी के विधायक रणधीर शर्मा अपने विधानसभा क्षेत्र में संपर्क सड़कों की बदहाल स्थिति और उनके सुधार का मुद्दा सदन में रखेंगे।

रोजगार गारंटी पर सरकार को घेरने की तैयारी

नियम 130 के तहत युवाओं के लिए रोजगार गारंटी के क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा होगी। रणधीर शर्मा, सुधीर शर्मा, राकेश जम्वाल, हंसराज और जीत राम कटवाल युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी के क्रियान्वयन पर चर्चा का प्रस्ताव रखेंगे।

इस दौरान प्रदेश सरकार की रोजगार संबंधी गारंटी और उसके धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।

जलविद्युत परियोजनाओं से बकाया राजस्व पर भी चर्चा

विधानसभा में प्रदेश के जल संसाधनों और जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े राजस्व का मुद्दा भी उठेगा।

विधायक केवल सिंह पठानिया नियम 130 के तहत रॉयल्टी, फ्री पावर और जल उपकर के बकाया भुगतान की वसूली तथा प्रदेश के राजस्व हितों के संरक्षण पर चर्चा का प्रस्ताव रखेंगे।

चर्चा के दौरान जल संसाधनों से राज्य को होने वाली आय, बकाया राजस्व और उसकी वसूली के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर भी बात होगी।

इन तमाम मुद्दों को देखते हुए तीन दिन के अवकाश के बाद शुरू होने वाली विधानसभा की कार्यवाही में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामे के आसार बने हुए हैं।