
पूरी खबर:
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग नातिन से दुष्कर्म के मामले में दोषी नाना को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामला धर्मशाला स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की फास्ट ट्रैक पॉक्सो अदालत से जुड़ा है। धर्मशाला में फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट कार्यरत है।
अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर दोषी को सजा सुनाई। मामले में नाबालिग पीड़िता से जुड़े अपराध के लिए पॉक्सो कानून के तहत कार्रवाई की गई थी।
पॉक्सो कानून के तहत बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई विशेष अदालतों में की जाती है। इस मामले में अदालत ने दोष सिद्ध होने के बाद पांच वर्ष के कठोर कारावास और आठ हजार रुपये के जुर्माने का आदेश दिया।
फिलहाल अदालत के फैसले के बाद दोषी को निर्धारित सजा भुगतनी होगी। ऐसे मामलों में अदालत के समक्ष पेश किए गए साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही दोष और सजा तय होती है।
