हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के छठे दिन कीरतपुर-मनाली और मंडी-कुल्लू फोरलेन से जुड़े कई अहम मुद्दे सदन में गूंजे। निर्माण में कथित अनियमितताओं से लेकर स्थानीय लोगों पर पड़ रहे टोल के बोझ और वाहनों की स्पीड लिमिट तक, विधायकों ने सरकार के सामने कई सवाल रखे।

पंडोह-झिड़ी फोरलेन में गड़बड़ी का आरोप

द्रंग से भाजपा विधायक पूर्ण चंद ठाकुर ने पंडोह-झिड़ी फोरलेन निर्माण को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर डीपीआर के अनुसार काम नहीं हुआ और अवैज्ञानिक तरीके से निर्माण किए जाने के कारण स्थानीय लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।

विधायक ने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने, नुकसान की भरपाई करने और निर्माण से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की।

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दे को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के समक्ष उठाएगी।

टोल को लेकर भी सदन में सवाल

मनाली से कांग्रेस विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने कुल्लू-मनाली फोरलेन पर लगने वाले टोल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को बार-बार टोल देना पड़ रहा है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

उन्होंने फोरलेन की खराब स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए स्थानीय लोगों को राहत देने की मांग की। कुल्लू-मनाली मार्ग पर डोहलुनाला टोल प्लाजा को लेकर भी चर्चा हुई।

सुक्खू बोले- खर्च राज्य करे तो टोल भी राज्य को मिले

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने फोरलेन और टोल व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र के नए नियम के तहत फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण की राशि राज्य सरकार को वहन करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण का खर्च राज्य सरकार उठाती है, तो फिर सड़क का निर्माण भी राज्य सरकार करे और उससे मिलने वाला टोल भी राज्य के पास आना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने टोल से जुड़े मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया।

60 की जगह 70 KM की स्पीड लिमिट की मांग

धर्मपुर के कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा बढ़ाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि कई हिस्सों में स्पीड लिमिट 60 किलोमीटर प्रति घंटा होने के कारण वाहन चालकों के चालान हो रहे हैं।

उन्होंने इसे बढ़ाकर 70 किलोमीटर प्रति घंटा करने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीड लिमिट बढ़ाने से पहले सड़क की मौजूदा स्थिति और दुर्घटनाओं की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद केंद्र सरकार के सामने 70 किलोमीटर प्रति घंटा स्पीड लिमिट करने का मामला उठाया जाएगा।

छठे दिन सदन में 77 सवाल

मानसून सत्र के छठे दिन प्रश्नकाल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के कुल 77 सवाल सूचीबद्ध रहे। इनमें 54 तारांकित और 23 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल शक्ति, बिजली, कार्मिक और आपदा प्रबंधन समेत कई विभागों से जुड़े मुद्दे सदन में उठाए जा रहे हैं। पिछले दिनों की तरह छठे दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस के आसार बने रहे।