
मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बीच शिमला समेत हिमाचल के छह जिलों में झमाझम बारिश से भारी नुकसान हुआ है। बुधवार रात और वीरवार को भारी बारिश-भूस्खलन से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जगह-जगह वाहन मलबे में दब गए हैं। पहाड़ी से गिरे पत्थर से चंबा में मणिमहेश यात्री और रामपुर में एक युवती की जान चली गई।
मंडी के सरकाघाट में चलती निजी बस पर पहाड़ी से मलबा गिरने से यात्रियों को खिड़की तोड़कर निकाला गया। ऊना में सात घंटे तक लगातार बारिश के चलते शहर में फिर पानी भर गया। सौ से ज्यादा घरों-दुकानों में पानी घुस गया। जलभराव से गुस्साए लोगों ने चंडीगढ़-धर्मशाला एनएच पर वाहन खड़े कर चक्काजाम कर दिया।
बारिश-भूस्खलन के चलते दो नेशनल हाईवे समेत प्रदेश भर में 470 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। शिमला, मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश-भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ है। चंबा में गुई नाला में पहाड़ी से गिरे पत्थर के लगने से मणिमहेश यात्री जम्मू-कश्मीर के डोडा निवासी देवेंद्र कुमार की मौत हो गई। हादसे के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
रामपुर उपमंडल के तकलेच के खोल्टी नाला में पहाड़ी से पत्थर गिरने से मीरा की जान चली गई। शिमला के दरभोग में पराड़ी खड्ड में बहने से लीलावती और उनकी 10 साल की बेटी शीतल की मौत हो गई है।
धर्मपुर से सरकाघाट जा रही निजी बस भूस्खलन की चपेट में आ गई और इसमें सवार 20 से अधिक यात्री आपातकालीन खिड़की को तोड़कर सुरक्षित निकाले। कोटखाई के कोटूनाला और खलटूनाला में बाढ़ आने से घरों में मलबा घुस गया। कई वाहन मलबे में दब गए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार को चार जिलों कांगड़ा, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी कुछ क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। शनिवार से तीन दिन फिर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 16, 17 और 18 अगस्त को कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
शिमला शहर में 20 से ज्यादा पेड़ गिरने से भवनों और गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। पांगी के फिंडपार और हिलुटवान नाला में बाढ़ से अस्थायी पुलिया भी बह गई। मनाली-लेह सड़क अवरुद्ध हो गई है। चंडीगढ़-मनाली एनएच बंद होने से आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा कुल्लू नहीं जा पाए।
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते प्रदेश के कई इलाकों का सड़क संपर्क कट गया है। प्रदेश में 721 ट्रांसफार्मर और 192 पेयजल स्कीमें ठप होने के कारण कई क्षेत्रों में न बिजली है और न ही पानी। प्रदेश में इस बरसात में अब तक 2104.85 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
