शिमला। हिमाचल प्रदेश के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया को बड़ा झटका लगा है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राज्यपाल एवं कुलाधिपति कविंद्र गुप्ता ने चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति चयन के लिए गठित पुरानी खोज-सह-चयन समितियों को भंग कर दिया है।


राज्यपाल सचिवालय की ओर से दोनों विश्वविद्यालयों को लेकर अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की गई हैं। अब दोनों विश्वविद्यालयों में कुलपति चयन की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू होगी।
कृषि विश्वविद्यालय की पुरानी समिति भंग
चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के कुलपति पद के लिए खोज-सह-चयन समिति का गठन 15 मई 2025 को किया गया था। इसके बाद 21 जुलाई 2025 को कुलपति पद के लिए विज्ञापन और नोटिस जारी किए गए थे।
हाईकोर्ट में दायर मामलों में पारित निर्णय के अनुपालन में अब राज्यपाल सचिवालय ने इस समिति को भंग कर दिया है। ऐसे में पहले शुरू की गई चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय नई प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


नौणी विश्वविद्यालय की समिति भी वापस
इसी तरह डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति चयन के लिए 21 जून 2025 को खोज-सह-चयन समिति गठित की गई थी। यहां भी कुलपति पद के लिए 21 जुलाई 2025 को विज्ञापन और नोटिस जारी किए गए थे।


अब हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में इस समिति को भी वापस ले लिया गया है।
दोनों विश्वविद्यालयों के लिए बनेंगी नई समितियां
राज्यपाल सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपति चयन के लिए नई और ताजा खोज-सह-चयन समितियों का गठन अलग-अलग किया जाएगा।


इस फैसले के बाद अब कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी और नई समितियां ही आगे की चयन प्रक्रिया को संचालित करेंगी।
कुलपति नियुक्ति को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया के बीच पुरानी समितियों के भंग होने से दोनों विश्वविद्यालयों में नियुक्ति प्रक्रिया फिलहाल नए चरण में पहुंच गई है।

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