
शिमला। हिमाचल प्रदेश में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब असहनीय दर्द से परेशान और बिस्तर से उठने में असमर्थ मरीजों को उपचार के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला ने ऐसे मरीजों के लिए घरद्वार पर विशेष स्वास्थ्य सेवा शुरू की है।
आईजीएमसी के पेन एंड पैलिएटिव केयर विभाग ने कैनस्पॉट और सिपला पैलिएटिव फाउंडेशन के सहयोग से होम बेस्ड पैलिएटिव केयर सेवा शुरू की है। फिलहाल यह सुविधा शिमला और सोलन में आईजीएमसी से 30 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही है।
मरीजों के घर पहुंचेगी डॉक्टरों की टीम
इस सेवा के लिए विभाग ने दो विशेष होम बेस्ड पैलिएटिव केयर टीमें गठित की हैं। प्रत्येक टीम में एक चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स और एक काउंसलर शामिल हैं। मरीज के परिजनों की ओर से हेल्पलाइन पर सूचना देने के बाद टीम मरीज के घर पहुंचेगी और उसकी स्थिति के अनुसार दर्द से राहत दिलाने के लिए जरूरी उपचार और परामर्श उपलब्ध करवाएगी।
इस पहल से उन मरीजों को विशेष राहत मिलेगी, जिन्हें गंभीर बीमारी या शारीरिक कमजोरी के कारण अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल होता है। साथ ही परिजनों को भी मरीज को अस्पताल ले जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
सफल होने पर पूरे प्रदेश में मिल सकती है सुविधा
विभाग के प्रोफेसर डॉ. विनय सोम्या ने बताया कि मरीजों को दर्द से राहत दिलाने के उद्देश्य से यह घरद्वार सेवा शुरू की गई है। वहीं, टर्शरी कैंसर सेंटर के विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष गुप्ता के अनुसार आईजीएमसी और सोलन के 30 किलोमीटर के दायरे में मरीजों को घर पर ही पैलिएटिव केयर की सुविधा दी जा रही है।
दोनों क्षेत्रों में इस प्रयोग के सफल रहने के बाद प्रदेश के अन्य अस्पतालों में भी ऐसी सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
इस हेल्पलाइन नंबर पर करें संपर्क
बिस्तर से उठने में असमर्थ मरीज या उनके परिजन इस विशेष सेवा का लाभ लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर 8448191580 पर संपर्क कर सकते हैं।
इसके अलावा मरीज आईजीएमसी के टर्शरी कैंसर सेंटर की ओपीडी के कमरा नंबर पांच में भी चिकित्सकीय परामर्श ले सकते हैं।
