📍 शिमला |

हिमाचल प्रदेश से एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसने हर नागरिक की चिंता बढ़ा दी है। जिस पानी को लोग जीवन का आधार मानते हैं, वही अब बीमारी की बड़ी वजह बनता जा रहा है।एक शोध के अनुसार, पिछले 5 साल (2021–2025) के दौरान राज्य में 34 बार संक्रामक रोगों का प्रकोप दर्ज किया गया, जिसमें 3,937 लोग प्रभावित हुए और 2 लोगों की मौत भी हुई।

सबसे हैरान करने वाली बात—2024 को सबसे खतरनाक साल बताया गया, जब अकेले 17 प्रकोप सामने आए।💧 पानी बना खतरा, बीमारियों का बम फूटाआईजीएमसी के विशेषज्ञों द्वारा किए गए इस अध्ययन में साफ कहा गया है कि👉 दूषित पेयजल इन बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है।

👉 पहाड़ी इलाकों में जल स्रोतों का गंदा होना, साफ-सफाई की कमी और मौसम में बदलाव हालात को और खराब कर रहे हैं।

📊 कौन सी बीमारी सबसे ज्यादा फैली?डायरिया (71%) – सबसे ज्यादा 2796 मामलेहेपेटाइटिस-A (17.8%) – 702 मामलेडेंगू (9.6%) – 379 मामलेअन्य: पीलिया और HFMD के कम केस

⚠️ ये जिले सबसे ज्यादा प्रभावितमंडी – सबसे ज्यादा 11 प्रकोपसोलन – कम प्रकोप लेकिन ज्यादा मरीज (बड़े संक्रमण का संकेत)हमीरपुर – भी गंभीर रूप से प्रभावित🌧️ कब बढ़ता है खतरा?

👉 मानसून (जून–सितंबर) और👉 पोस्ट-मानसून (अक्टूबर–नवंबर)इन महीनों में 60% से ज्यादा मामले सामने आए।खासकर अक्टूबर-नवंबर में संक्रमण चरम पर पहुंच जाता है।

🚨 सरकार और विभाग अलर्ट19,000 पेयजल योजनाओं में फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाने की तैयारीअस्पतालों को दवाइयों का स्टॉक बढ़ाने के निर्देशलोगों को जलजनित रोगों के प्रति जागरूक किया जा रहा है🧠 विशेषज्ञों की चेतावनीअगर अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं।

👉 साफ पानी👉 बेहतर निगरानी👉 मच्छर नियंत्रण👉 टीकाकरणइन उपायों को तुरंत लागू करने की जरूरत बताई गई है।

❗ बड़ा सवाल…क्या पहाड़ों में रहने वाले लोग अब साफ पानी के लिए भी तरसेंगे?या फिर समय रहते हालात संभाले जाएंगे?

👉 यह रिपोर्ट सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि आने वाले खतरे की चेतावनी है।