
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश एक बार फिर लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में कई सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति और जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की 28 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 68 सड़कें बंद हैं। वहीं 16 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) प्रभावित हुए हैं, जबकि एक जलापूर्ति योजना भी बाधित हुई है।
आखिर सबसे ज्यादा असर किस जिले में?
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी जिले में देखने को मिला है। यहां कुल 28 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 16, कांगड़ा में सात और सिरमौर में छह सड़कें प्रभावित हैं।
इसके अलावा ऊना में चार, चंबा और शिमला में तीन-तीन तथा लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है।
मंडी में 28 सड़कें बंद
मंडी जिले में सिराज उपमंडल सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां 21 सड़कें बंद हैं। सुंदरनगर में एक, सरकाघाट में तीन और थलौट में तीन सड़कें प्रभावित हैं। इस तरह मंडी जिले में कुल 28 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं।
वहीं कुल्लू में भी बारिश ने सड़कों की स्थिति बिगाड़ दी है। कुल्लू उपमंडल में आठ, बंजार में दो, आनी में दो और निरमंड में चार सड़कें बंद हैं।
बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा असर
बारिश और खराब मौसम का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। प्रदेश में कुल 16 डीटीआर प्रभावित हुए हैं।
इनमें मंडी में छह, सिरमौर में पांच, चंबा में चार और शिमला में एक बिजली ट्रांसफार्मर शामिल है। इसके कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
इसके साथ ही प्रदेश में एक जलापूर्ति योजना भी बाधित होने की जानकारी सामने आई है।
मानसून में अब तक 103 लोगों की मौत
सरकार की संचयी मानसून क्षति रिपोर्ट के मुताबिक, 30 जून से 27 अगस्त 2026 तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं के कारण 103 लोगों की मौत हो चुकी है।
इनमें भूस्खलन, बाढ़, डूबने, बिजली गिरने, आग, सांप के काटने, करंट लगने तथा पेड़ या चट्टान से गिरने जैसी घटनाएं शामिल हैं।
जिलेवार आंकड़ों की बात करें तो चंबा में 13, कांगड़ा में 16, कुल्लू में नौ, मंडी में 10, शिमला में 15 और सिरमौर में 14 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
वहीं, सड़क हादसों में प्रदेशभर में 144 लोगों की जान जा चुकी है।
सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, मानसून सीजन में अब तक हिमाचल प्रदेश को 1,18,374.94 लाख रुपये, यानी करीब 1,183.75 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
बारिश का दौर जारी रहने के बीच सबसे बड़ी चिंता अब बंद सड़कों को जल्द बहाल करने और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली-पानी की व्यवस्था सामान्य करने की है।
