हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। प्रदेश में 11 जुलाई तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, कच्ची ढलानों के धंसने, निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक न्यूनतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा, जबकि अधिकतम तापमान में पहले हल्की बढ़ोतरी और उसके बाद दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। मानसून की सक्रियता के चलते आने वाले दिनों में भी प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
लोक निर्माण विभाग ने मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां कर ली हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रदेशभर में सड़क संपर्क बहाल रखने के लिए लगभग 15,500 कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जिनमें 11,137 बेलदार और 4,228 मल्टी टास्क वर्कर शामिल हैं। इसके अलावा 1,156 विभागीय और निजी मशीनें, जिनमें जेसीबी, डोजर, रोबोट और टिप्पर शामिल हैं, चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। आपातकालीन स्थिति के लिए छह बेली ब्रिज भी तैयार रखे गए हैं।
विभाग ने मानसून से पहले 155.95 किलोमीटर सड़कों की रीसर्फेसिंग, 924.94 किलोमीटर सड़कों पर पैचवर्क, 8,893.58 किलोमीटर ड्रेनेज चैनलों और 9,414 किलोमीटर लंबाई के कलवर्टों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया है। अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, शिक्षण संस्थानों, अग्निशमन केंद्रों, पंपिंग स्टेशनों और विद्युत केंद्रों तक सड़क संपर्क बनाए रखना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
कुल्लू में सुबह से झमाझम बारिश
जिला मुख्यालय कुल्लू में बुधवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह सात बजे के बाद शुरू हुई वर्षा से लोगों को दैनिक कार्यों के लिए घरों से निकलने में परेशानी हुई। सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों को बारिश के बीच सफर करना पड़ा। कई लोग दुकानों और शेड के नीचे बारिश से बचते नजर आए। लगातार बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया, हालांकि बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल कम रही।
पंडोह बांध से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा ब्यास नदी का जलस्तर
पंडोह बांध से पानी छोड़े जाने के बाद मंडी और ब्यास नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ गया है। मंगलवार सुबह पांच बजे तक पंडोह बांध में 28,030 क्यूसेक पानी की आमद दर्ज की गई, जबकि 28,625 क्यूसेक पानी स्पिलवे के माध्यम से ब्यास नदी में छोड़ा गया। इससे नदी का बहाव तेज हो गया है।
बीबीएमबी के अधिशासी अभियंता चंद्रमणी ने लोगों से ब्यास नदी और उसके किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नदी में नहाने, मछली पकड़ने, सेल्फी लेने या किसी भी गतिविधि के लिए नदी किनारे न जाएं। अभिभावकों से भी बच्चों को नदी के आसपास न जाने देने का आग्रह किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि मानसून के दौरान जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए सभी नागरिक जारी चेतावनियों का पालन करें।

