
कृषि और पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में गोवंश की टैगिंग की जाएगी। कुत्तों की वैक्सीनेशन भी होगी। कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का सभी संबंधित विभागों से पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा। मंगलवार को विधानसभा में विधायक किशोरी लाल के सवाल का जवाब देते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पशुपालन विभाग, ग्राम पंचायत, नगर निगम व नगर परिषद के माध्यम से वैक्सीनेशन का कार्य करवाया जाएगा। विधायक किशोरी लाल ने पूछा था कि कई बार पागल कुत्ते लावारिस पशुओं को काटते हैं। इसके बाद ये हिंसक हो जाते हैं और लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं।
चंद्र कुमार ने कहा कि राज्य में 260 गोसदन हैं। इनमें 15 गो सदन सरकारी व 245 निजी क्षेत्र में हैं। इनमें 21,380 लावारिस गोवंश को आश्रय प्रदान दिया गया है। गो सदनों में गोवंश के रखरखाव व देखभाल के लिए दी जाने वाली राशि में बढ़ोतरी की है। इसे अब बढ़ाकर 1200 रुपये प्रति गोवंश प्रतिमाह जारी किया जा रहा है। वर्ष 2019 में हुई 20वीं पशुगणना अनुसार 36,311 गोवंश सड़कों पर घूम रहे थे। 21वीं पशुगणना का कार्य वर्ष पूरा हो चुका है।
इसके आंकड़े भारत सरकार की ओर से अभी प्रकाशित किए जाने हैं। हिमाचल देश का पहला पहाड़ी राज्य व देश के अन्य राज्यों में एक अग्रणी प्रदेश है, जिसने लावारिस गोवंश की समस्या के निदान के लिए प्रभावी कदम उठाए है। इसके लिए एक नीति निर्धारित करने की जरूरत है। गोवंश के भरण-पोषण के लिए शराब बिक्री पर 2.50 रुपये प्रति बोतल सैस लगाया गया है। गोपाल योजना के तहत अभी तक 65,35,61,484 रुपये का बजट जारी किया गया है। गो सदनों की स्थापना व विस्तारीकरण के लिए गो सेवा आयोग 40,04,65,523 रुपये की धनराशि जारी कर चुका है। गो सेवा आयोग द्वारा 7 गो सदनों का निर्माण करवाया जा रहा है।
प्रदेश में बीते दो साल के दौरान चिट्टे के मामलों में 3507 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 अगस्त 2023 से 31 जुलाई 2025 तक प्रदेश में चिट्टे के अभियोगों में 50 लोगों की संपत्ति सीज की गई है। मंत्रिमंडल की बैठक में 24 जनवरी को भांग की खेती की आरंभिक परियोजना (पायलट आधार) को मंजूरी प्रदान की गई है। कृषि विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। आरंभिक परियोजना का कार्य चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और डाॅ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन को सौंपा गया है। दोनों विश्वविद्यालयों से रिपोर्ट आने के बाद इसमें आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
