शिमला: चौड़ा मैदान में भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ में महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर आरोप लगाए और इसे “नारी सम्मान की लड़ाई” बताया।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विशेष संसद सत्र बुलाकर महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी देने का रास्ता खोला गया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने राजनीतिक कारणों से इस अवसर को कमजोर किया। उन्होंने प्रियंका गांधी के नारों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब महिलाओं के अधिकारों की अहम घड़ी थी, तब कांग्रेस पीछे हट गई।

भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्षा डेजी ठाकुर ने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का गिरना लोकतंत्र के इतिहास में काले दिन के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि धर सूद ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने मिलकर महिलाओं के अधिकारों को नुकसान पहुंचाया। वहीं विधायक रीना कश्यप ने आरोप लगाया कि रैली से घबराकर प्रदेश सरकार ने प्रशासन का दुरुपयोग किया और बाहर से आ रही महिलाओं की बसों को रोका गया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध कर देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने का वादा पूरा नहीं किया।

रैली के अंत में जयराम ठाकुर ने कहा कि यह जनआक्रोश आने वाले राजनीतिक बदलाव का संकेत है और प्रदेश की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देंगी। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर महिला अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की और इसे आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया।