
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज रिज मैदान, शिमला में HIM MSME फेस्ट-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत कहा कि यह फेस्ट केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों लघु उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्ट-अप्स के लिए अवसरों का एक सशक्त मंच है। इसके माध्यम से ‘HIM’ ब्रांड के तहत ‘मेक इन हिमाचल’ उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन ‘मेड इन हिमाचल’ ब्रांड को सशक्त करेगा तथा ग्रामीण, पारंपरिक और स्थानीय MSME उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा। इससे विशेष रूप से महिला उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्ट-अप्स के सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को बढ़ावा देकर ‘आत्मनिर्भर हिमाचल’ के विजन को और मजबूत करेगी। उद्योग विभाग द्वारा आयोजित यह फेस्ट 5 जनवरी तक चलेगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि फेस्ट के दौरान देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि प्रदेश का दौरा करेंगे, जिससे कारीगरों, बुनकरों और लघु उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे वैश्विक खरीदारों के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि MSME फेस्ट में प्रदर्शित हिमाचल के कारीगरों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित शॉल को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है, जिससे हिमाचली उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है।उन्होंने कहा कि इस फेस्ट में महिला उद्यमिता और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)’ योजना पर विशेष जोर दिया गया है,
जिससे ग्रामीण उद्यमियों को नए अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। साथ ही MSMEs के हरितकरण (ग्रीनिंग) पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे हिमाचल को ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने की दिशा में अहम योगदान मिलेगा।मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते तीन वर्षों में राज्य सरकार ने दुबई, जापान और मुंबई जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में निवेशकों के साथ बैठकें की हैं, जिसके परिणामस्वरूप 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते (MoUs) हुए हैं। इसके अतिरिक्त 14,000 करोड़ रुपये की लागत के 683 औद्योगिक परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे लगभग 32,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में MSMEs को मजबूत करने के लिए 1,642 करोड़ रुपये के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं, जिनमें से अब तक 109.34 करोड़ रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। पिछले तीन वर्षों में प्रदेश में 107 स्टार्ट-अप्स शुरू हुए हैं, जबकि 407 स्टार्ट-अप्स विभिन्न चरणों में हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘The Craft of the Hills on the Global Stage’ थीम पर आधारित यह फेस्ट हिमाचल के MSME सेक्टर को वैश्विक बाजार, निवेश और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘HIM Innovation Coffee Book’ का विमोचन किया तथा विभिन्न उद्यमियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने HIM MSME फेस्ट-2026 में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने विभिन्न उद्यमियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और प्रदर्शित उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई।उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और तीन दिवसीय फेस्ट की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि ग्रीन मोबिलिटी, रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक चिप्स और डेटा सेंटर्स जैसे क्षेत्रों को औद्योगीकरण के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।भारत सरकार के MSME मंत्रालय के विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने प्रदेश में MSMEs को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।अपर मुख्य सचिव आर.डी. नाजिम ने स्टार्ट-अप्स, औद्योगिक विकास और विभागीय योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उद्योग आयुक्त डॉ. यूनुस ने MSME फेस्ट और प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों की जानकारी दी।इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
