शिमला। हिमाचल प्रदेश में नवंबर महीने में भी गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। हालात यह हैं कि ऊना में नवंबर महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है। वहीं, राजधानी शिमला सहित कांगड़ा और सुंदरनगर में भी पारा पुराने रिकॉर्ड के करीब पहुंच गया है।

मंगलवार को ऊना में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले नवंबर 2024 में यहां अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा था, जबकि वर्ष 2000 में यह 33.1 डिग्री दर्ज किया गया था। इस बार तापमान ने दोनों पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है।

शिमला सहित कई जिलों में बढ़ा तापमान

प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। कांगड़ा में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री, सुंदरनगर में 28.8 डिग्री और राजधानी शिमला में 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

अन्य क्षेत्रों का तापमान इस प्रकार रहा:

  • ऊना – 34.2 डिग्री
  • मंडी – 28.6 डिग्री
  • बिलासपुर – 28.5 डिग्री
  • कांगड़ा – 28.4 डिग्री
  • धर्मशाला – 26.0 डिग्री
  • नाहन – 25.7 डिग्री
  • सोलन – 25.4 डिग्री
  • शिमला – 22.0 डिग्री
  • मनाली – 19.6 डिग्री

ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात को बढ़ी ठंड

एक ओर मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हो रही है, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में रात का तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। सोमवार रात को कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 2.1 डिग्री और केलांग में माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

9 नवंबर तक कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 9 नवंबर तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान अधिकांश क्षेत्रों में चटक धूप खिलने की संभावना है। फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने के कारण बारिश और बर्फबारी के आसार नहीं हैं।

क्यों बढ़ रहा है तापमान?

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार के अनुसार प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से मौसम शुष्क बना हुआ है। बारिश नहीं होने और बादल न छाने के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान और अफगानिस्तान की ओर से ठंडी हवाएं भी हिमाचल तक नहीं पहुंच रही हैं। इसी वजह से हिमाचल सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है।

ऐसे में नवंबर के महीने में भी प्रदेश के मैदानी इलाकों में गर्मी का असर बना हुआ है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रात के समय ठंड बढ़ रही है।