
भारतीय जनता पार्टी के छह वर्षों तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे और वर्तमान में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के गृह प्रदेश हिमाचल प्रदेश को पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में कोई प्रमुख प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा सोमवार को घोषित राष्ट्रीय पदाधिकारियों, मोर्चों और प्रकोष्ठों की टीमों में हिमाचल के किसी भी नेता को बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। इसे प्रदेश भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय टीम के गठन से पहले भाजपा के भीतर यह चर्चा थी कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर को संगठन में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी तरह पूर्व राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर किसी दायित्व के लिए संभावित दावेदारों में माना जा रहा था। हालांकि अंतिम सूची में हिमाचल प्रदेश का कोई बड़ा चेहरा शामिल नहीं होने से राजनीतिक अटकलों को नया आधार मिल गया है।
अगले विधानसभा चुनाव लगभग डेढ़ वर्ष बाद
हिमाचल प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव लगभग डेढ़ वर्ष बाद होने हैं। ऐसे समय में राष्ट्रीय संगठन में प्रदेश के नेताओं की भूमिका को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच स्वाभाविक रूप से अपेक्षाएं थीं। राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी मिलने से किसी भी नेता का संगठनात्मक प्रभाव बढ़ता है और चुनावी तैयारियों में उसका लाभ प्रदेश इकाई को भी मिलता है। प्रदेश भाजपा फिलहाल संगठनात्मक विस्तार, कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनआंदोलनों और आगामी चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में राष्ट्रीय टीम में हिमाचल के किसी चेहरे को स्थान नहीं मिलने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश की राजनीति के लिए अलग रणनीति पर काम कर रहा है या फिर भविष्य में संगठनात्मक फेरबदल के दौरान हिमाचल को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।
उधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर लंबे समय से भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय युवा मोर्चा अध्यक्ष और संगठनात्मक अनुभव के कारण उन्हें राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा थी कि उन्हें चुनावी प्रबंधन या संगठन से जुड़ी महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हुआ। भाजपा महिला मोर्चा और संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रही पूर्व राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी का नाम भी राष्ट्रीय टीम में शामिल होने की संभावनाओं में लिया जा रहा था। महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की रणनीति के बीच उनके नाम पर भी नजरें थीं, लेकिन नई सूची में उन्हें भी कोई स्थान नहीं मिला। भाजपा के प्रदेश नेताओं का कहना है कि पार्टी में जिम्मेदारियां व्यक्ति नहीं, संगठन की आवश्यकता के आधार पर तय होती हैं और हिमाचल भाजपा पूरी ताकत के साथ आगामी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है।
