
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। यह सत्र 18 अगस्त से 2 सितंबर तक चलेगा। इसमें 12 बैठकें होंगी। विधानसभा में आपदा पर नियम-67 के तहत चर्चा होगी। विपक्ष की ओर से लाए गए काम रोको प्रस्ताव को सरकार ने स्वीकार किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष काम रोको प्रस्ताव लाया है, इसलिए भाजपा विधायक पूरी चर्चा में हिस्सा लें और वाकआउट न करें। कांग्रेस विधायकों के प्रस्ताव को भी काम रोको प्रस्ताव के साथ ही जोड़ा गया है।
सोमवार को सत्र के शुभारंभ पर विपक्ष ने पूर्व विधायक गणेश दत्त भरवाल के शोकोद्गार प्रस्ताव के बाद आपदा पर लाए स्थगन प्रस्ताव को मंजूर करने को कहा। नियम 67 के तहत इस विषय पर चर्चा मांगी गई। अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नियम 130 में चर्चा लाई जा रही है। नियम 67 में भी वही विषय है। इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इससे महत्वपूर्ण विषय नहीं हो सकता है। सारा काम रोककर इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव को मंजूर किया जाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन की कार्यवाही शुरू होने के डेढ़ घंटे पहले नोटिस दिया गया है।
संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि आधे घंटे में आसमान नहीं फट जाएगा। नियम-67 में बहुत ही महत्वपूर्ण विषय आता है। यह भी महत्वपूर्ण विषय है। इस पर आधे घंटे में चर्चा होगी। यह नियम-130 के तहत होगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नियम-67 में चर्चा करने से आज का बिजनेस लोप हो जाएगा। सूचनाएं एकत्र करने में सरकार का बहुत सा समय और व्यय व्यर्थ चला जाता है। इस पर विपक्ष लगातार दबाव बनाता रहा। पहले सीएम भी इसकी चर्चा नियम-130 के तहत करने की बात पर अड़े रहे। विपक्ष की ओर से बार-बार मुद्दा उठाने के बाद सीएम सुक्खू कहा कि वह इसके लिए तैयार हैं। इसके बाद नियम-67 के तहत स्थगन प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया।
