हिमाचल प्रदेश में अगले साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल विस्तार और संभावित बड़े फेरबदल की चर्चाओं ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद बुधवार शाम नई दिल्ली से चंडीगढ़ लौट आए हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री समेत आधे से अधिक कैबिनेट मंत्रियों का दिल्ली में डेरा बना हुआ है।


कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर प्रदेश मंत्रिमंडल में खाली एक पद भरने के साथ-साथ विभागों में बदलाव और नए चेहरे को शामिल करने को लेकर फिर से मंथन चलने की चर्चा है। संभावित बदलावों की खबरों के बीच कई मंत्रियों की सक्रियता भी बढ़ गई है।


कई मंत्री अपने विभाग बचाने की कोशिश में
सूत्रों के अनुसार संभावित फेरबदल के बीच कई मंत्री अपने मौजूदा विभागों को बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुछ मंत्री अतिरिक्त विभाग की मांग भी कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री सुक्खू पिछली कई दिल्ली यात्राओं के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल से मुलाकात कर चुके हैं। इन बैठकों में सरकार और संगठन से जुड़े मुद्दों के साथ प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा होने की बात सामने आई है।


नए मंत्री को लेकर भी चर्चा
मंत्रिमंडल में खाली पद को भरने को लेकर भी कई नाम चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्रिमंडल में शामिल करने के लिए हाईकमान से हरी झंडी ले चुके हैं, लेकिन कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल या किसी अन्य वरिष्ठ विधायक को मंत्री बनाए जाने की पैरवी कर रहे हैं।


अगर बड़ा फेरबदल होता है तो एक या दो मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की संभावना की भी चर्चा है। साथ ही कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है।


2027 के चुनाव पर नजर
विधानसभा चुनाव में अब करीब एक साल का समय बचा है। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान ऐसे मंत्रिमंडल की तैयारी कर सकता है, जो सरकार के कामकाज के साथ चुनावी मैदान में भी पार्टी के लिए प्रभावी साबित हो।


संभावित फेरबदल में मंत्रियों के विभागीय प्रदर्शन के साथ उनके विधानसभा क्षेत्र में पकड़, संगठन के साथ तालमेल और जनता के बीच प्रभाव को भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
पिछली सरकारों के चुनावी रिकॉर्ड को देखते हुए भी मंत्रियों के प्रदर्शन पर नजर रहने की चर्चा है। जयराम ठाकुर सरकार के दौरान आधे से अधिक कैबिनेट मंत्री विधानसभा चुनाव हार गए थे। इससे पहले वीरभद्र सिंह सरकार के समय भी कई वरिष्ठ मंत्री चुनाव में जीत हासिल नहीं कर पाए थे।


अग्निहोत्री समेत कई मंत्री दिल्ली में
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर नई दिल्ली में बताए गए हैं। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात करने की चर्चा है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार भी दिल्ली में थे और उनके लौटने की जानकारी है। सभी कैबिनेट मंत्रियों को शुक्रवार सुबह 11 बजे प्रस्तावित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल होने के लिए लौटना है।
ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई मुलाकातों और चर्चाओं का असर हिमाचल मंत्रिमंडल पर कितना पड़ता है और क्या चुनाव से पहले सरकार में कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलता है।