हिमाचल प्रदेश में मानसून का असर अभी थमने वाला नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) शिमला केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 5 अगस्त से 10 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरी कारण संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा से बचने की अपील की है।

आईएमडी के अनुसार कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, ऊना, बिलासपुर और सोलन जिलों में 10 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा

लगातार बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, फ्लैश फ्लड, नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा पहाड़ी सड़कों पर फिसलन, कम दृश्यता और यातायात बाधित होने की आशंका भी जताई गई है। मौसम का असर बागवानी, कृषि और आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है।

तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी मुश्किलें

मौसम विभाग ने बताया कि 10 अगस्त तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

आईएमडी ने लोगों को नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य लेने को कहा गया है।

अगले कुछ दिनों तक मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए प्रदेशवासियों और पर्यटकों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है।