हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत मामले में गिरफ्तार एएसआई पंकज शर्मा की जमानत याचिका पर सोमवार को सूचीबद्ध किया गया था। सीबीआई ने जमानत याचिका पर स्टेटस रिपोर्ट दायर की है। न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत पंकज शर्मा की जमानत याचिका पर अब 13 अक्तूबर को फैसला करेगी।

एएसआई पंकज शर्मा ने विशेष सीबीआई अदालत शिमला के फैसले को हाईकोर्ट में अपील के माध्यम से चुनौती दी है। बता दें कि विशेष अदालत शिमला ने पंकज शर्मा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था और उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। विमल नेगी मौत मामले में सीबीआई ने पहली गिरफ्तारी पंकज शर्मा की ही की है। इस मामले में सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने जवाब दायर कर दिया है। सरकार को पक्षकार बनाने के खिलाफ सीबीआई ने आवेदन दायर किया था। सरकार ने इसी आवेदन पर अपना जवाब दाखिल किया है। उधर, न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत ने 9 अक्तूबर तक हरिकेश मीणा की अंतरिम जमानत बढ़ा दी है। वहीं, विमल नेगी की पत्नी की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि एकल न्यायाधीश के फैसले में यह स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश सरकार का कोई भी अधिकारी इस मामले की जांच के सदस्य नहीं होंगे। उसके बाद भी सरकार इस मामले में पक्षकार बनना चाहती है, जो अदालत के फैसले की अवहेलना है। बता दें कि राज्य सरकार ने इस मामले में पक्षकार बनाने के लिए आवेदन किया है। अदालत ने पक्षकार के रूप में शामिल होने की अनुमति दे दी थी। इसके बाद सीबीआई ने इसका विरोध किया।