शिमला नागरिक सभा ने राज्य सरकार और शिमला नगर निगम से आवारा कुत्तों के प्रबंधन पर सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों को लागू करने के लिए तुरंत और गंभीर कदम उठाने की मांग उठाई है।  मंगलवार को जारी संयुक्त प्रेस बयान में शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर और सचिव विवेक कश्यप ने क्षेत्र में व्याप्त गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कहा कि  सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश सहित सभी मुख्य सचिवों को आवारा कुत्तों की अनिवार्य नसबंदी और टीकाकरण (रेबीज विरोधी) के संबंध में स्पष्ट और बाध्यकारी निर्देश जारी किए, साथ ही विस्तृत प्रगति रिपोर्ट के साथ अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने के लिए भी निर्देश दिए गए थे।

कहा कि वर्तमान में पूरे क्षेत्र में कुत्ते के काटने की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग नागरिकों सहित कमजोर जनसंख्या को अपनी दैनिक गतिविधियों में बढ़ी हुई सुरक्षा चिंताएं का सामना करना पड़ रहा है। शिमला नागरिक सभा ने राज्य सरकार और शिमला नगर निगम से मांग की है कि वे पूरे क्षेत्र में पर्याप्त पशु जन्म नियंत्रण  केंद्रों की स्थापना के साथ व्यापक नसबंदी और टीकाकरण अभियान सुनिश्चित करें। संगठन ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए पर्याप्त बजट आवंटन और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित पशु चिकित्सा कर्मचारियों की तैनाती का आह्वान किया है।