हिमाचल प्रदेश में व्यावसायिक भवन मालिकों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। प्रदेश में फायर सेफ्टी नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रस्तावित नियमों में भवनों की ऊंचाई सीमा 15 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर करने और 400 वर्गमीटर तक के संस्थानों को फायर सेफ्टी के कुछ कड़े प्रावधानों में राहत देने का प्रावधान हो सकता है। होम स्टे संचालकों को भी अनावश्यक औपचारिकताओं से छूट मिल सकती है। प्रदेश सरकार नेशनल बिल्डिंग कोड (एनबीसी) की जगह राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप स्टेट फायर रूल लागू करने की तैयारी कर रही है। 

गृह विभाग ने इस संबंध में नई गाइडलाइन तैयार कर ली है और इसे मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य एक ओर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है तो दूसरी ओर छोटे कारोबारियों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत देना भी है। वर्तमान में होटल, ढाबों, रेस्तरां, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एनबीसी के तहत कई महंगे और जटिल प्रावधानों का पालन करना पड़ता है। नए नियमों में छोटे संस्थानों के लिए कई शर्तों को आसान बनाने का प्रस्ताव है।

सूत्रों के अनुसार भवनों की ऊंचाई सीमा 15 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर की जा सकती है। वहीं 300 वर्गमीटर की जगह 400 वर्गमीटर तक के संस्थानों को कुछ फायर सेफ्टी प्रावधानों में राहत मिलने की संभावना है। महंगे फायर पंप, अलग-अलग पानी के टैंक और छत पर जल भंडारण व्यवस्था जैसी अनिवार्यताओं में भी व्यावहारिक संशोधन किए जा सकते हैं। होमस्टे संचालकों को भी घरेलू भवनों में अनावश्यक औपचारिकताओं से विशेष छूट मिलने की संभावना है। हालांकि, राहत के साथ सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बहुमंजिला इमारतों, बड़े होटलों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य उच्च जोखिम वाले व्यावसायिक भवनों के लिए फायर सेफ्टी मानकों को और मजबूत बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि नए स्टेट फायर रूल से सुरक्षा और व्यापारिक सुगमता के बीच बेहतर संतुलन स्थापित होगा तथा प्रदेश के पर्यटन एवं सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा।