
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश और भूस्खलन से जनजीवन लगातार प्रभावित हो रहा है। मंगलवार रात और बुधवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के कारण पांच मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि आठ मकानों को नुकसान पहुंचा। इसके साथ ही 18 गोशालाएं भी ध्वस्त हुई हैं।
मंडी जिले की चौहार घाटी में नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से 55 वर्षीय सबला राम की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह अखरोट लेने गए थे। वापसी के दौरान सवाड़ नाला पार करते समय अचानक तेज बहाव में बह गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बारिश और भूस्खलन का असर बिलासपुर, मंडी, शिमला, सिरमौर और हमीरपुर में भी देखने को मिला। 30 जून से 2 सितंबर तक प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से करीब 120 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। इस अवधि में 261 लोगों की मौत और 471 लोगों के घायल होने की जानकारी है। इनमें 154 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं।
🚧 करीब 60 सड़कें बंद
बुधवार शाम तक प्रदेश में करीब 60 सड़कें बंद थीं। कुल्लू के बंजार क्षेत्र में 60 ट्रांसफार्मर ठप होने से बंजार, सैंज और मंडी जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों के 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
जलोड़ी जोत के पास एनएच-305 पर चार जगह भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हुआ। हालांकि बिंद्राबणी और फाडेलनाला में मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया।
बिलासपुर की जुखाला पंचायत के नलवाड़ गांव में मंगलवार आधी रात पहाड़ी से भारी पत्थर गिरने से पशुशाला क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में एक गाय की मौत हो गई।
सिरमौर में बारिश के कारण नाहन-ददाहू मुख्य मार्ग करीब 19 घंटे तक बंद रहा।
🌧️ कांगड़ा और सिरमौर में येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को कांगड़ा और सिरमौर के कई हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 4 से 6 सितंबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। वहीं 7 और 8 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
बारिश के बीच शिमला से धर्मपुर तक ट्रेनों के संचालन को लेकर गुरुवार को ट्रायल किया जाएगा, जबकि शुक्रवार से आधे तक ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
