
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष प्राकृतिक आपदा, स्कूलों को बंद करने समेत विभिन्न मुद्दों पर सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी में है। राज्य विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। यह सत्र 18 अगस्त से 2 सितंबर तक चलेगा। इसमें 12 बैठकें होंगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र अविलंब चले और सदन में महत्वपूर्ण व सार्थक चर्चा हो, इसके लिए पक्ष-विपक्ष में सामंजस्य बनाने के लिए सत्र आरंभ होने से पूर्व सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और भाजपा विधायक दल के मुख्य सचेतक सुखराम चौधरी को आमंत्रित किया गया।
पठानिया ने कहा कि अभी तक प्रश्नों के माध्यम से विधानसभा सचिवालय को कुल 981 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 793 तारांकित यानी मौखिक रूप से पूछे जाने वाले प्रश्न होंगे। 188 अतारांकित प्रश्न होंगे, जिनका सरकार लिखित में जवाब देगी। पठानिया ने कहा कि नियम 62 के तहत 13, नियम 101 के तहत 6 और नियम 130 के तहत 13 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिन्हें आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को प्रेषित किया गया है। सदस्य 18 अगस्त को शाम 5:00 बजे तक विधानसभा सचिवालय को अपने प्रश्न भेज सकते हैं। सत्र के प्रथम दिन चिंतपूर्णी से पूर्व विधायक गणेश दत्त भरवाल के निधन पर शोकोद्गार प्रस्तुत होंगे, जिस पर व्याख्यान के माध्यम से सदन के नेता, उप नेता और अन्य सदस्य श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन में हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय और औद्यानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2024 को वापस लेने का प्रस्ताव रखा जाएगा। यह प्रस्ताव कृषि मंत्री चंद्र कुमार रखेंगे। इसके अलावा सदन में राज्यपाल की ओर से मंजूर पारित छह विधेयकों की प्रतियां भी रखी जाएंगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह हिमाचल नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2025 और नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय संशोधन अध्यादेश 2025 की प्रतियां भी सभा पटल पर रखेंगे। नियम 130 के तहत विधायक चंद्रशेखर, केवल सिंह पठानिया, सुरेश कुमार और नीरज नैय्यर भारी बरसात से जानमाल व निजी और सरकारी संपत्तियों को हुए नुकसान के बारे में चर्चा का प्रस्ताव देंगे। विधायक जीतराम कटवाल की ओर से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए नीति बनाने के लिए नियम 130 के तहत चर्चा के लिए एक अन्य प्रस्ताव लाया जाएगा।
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को भाजपा विधायक दल आपदा पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। प्रभावितों को मुआवजा न मिलने और कुलपति की नियुक्ति पर विपक्ष सदन में सरकार पर हमलावर रहेगा। इसके लिए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में रविवार देर शाम हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में रणनीति बनी। वहीं, विपक्ष के हंगामे का तोड़ निकालने के लिए विधानसभा के मानसून सत्र के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि इस बैठक में राज्यहित को सर्वोपरि रखते हुए सशक्त रणनीति पर व्यापक चर्चा हुई। हमारा संकल्प है, जनता के हितों की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना और प्रदेश के अधिकारों की मजबूती से पैरवी करना। भाजपा विधायक दल ने सत्ता पक्ष को घेरने के लिए रविवार शाम सात बजे विलीज पार्क में बैठक कर रणनीति तैयार की। इसमें अधिकतर भाजपा विधायक शामिल हुए। भाजपा विधायक दल राज्य विधानसभा की कार्यवाही रोककर आपदा पर स्थगन प्रस्ताव ला सकता है। सूत्रों के अनुसार विपक्ष इसे राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाएगा।
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि आपदा के दौरान प्रभावितों को राहत राशि नहीं मिलने, उद्योगों का पलायन रोकने, कृषि और बागवानी विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति से संबंधित बिल को वापस लेने, झूठे मुकदमे दर्ज करने, कर्मचारियों की मांग पूरी न करने, भाजपा की ओर से पूर्व में खोले गए संस्थानों को बंद करने आदि जनहित के मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने का मसौदा तैयार किया गया है। बैठक में आपदा से प्रदेश में हुए नुकसान के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। मंडी, कुल्लू, शिमला जिले में आपदा से भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि ढाई सौ से ज्यादा लोगों की जानें गई हैं। ढाई हजार मकानों को नुकसान हुआ है। इस बैठक में चर्चा हुई है कि पूर्व में प्राकृतिक आपदा के चलते केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार की हरसंभव मदद की है, लेकिन आपदा प्रभावितों तक यह सरकार मदद नहीं पहुंच पाई है। जिनके घर टूटे हैं, उन्हें फौरी राहत नहीं दी गई है।
केवल अपने चहेते को ही पैसे बांटे गए हैं। इस बार प्राकृतिक आपदा को लेकर भी केंद्र सरकार मदद कर रही है। इन मुद्दों को लेकर सदन के अंदर सरकार को घेरा जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में बढ़ रहे नशे अपराध और विकास कार्यों को लेकर सरकार को घेरा जाएगा। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में ओक ओवर शिमला में सुबह 10 बजे होगी। इसमें सदन में कांग्रेस विधायक दल की रणनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार 12 दिन के इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विषयों को लेकर आएगी। विपक्ष के हर हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।
