
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पीएम गति शक्ति पोर्टल में प्रदेश की पांच प्रमुख सड़कों को शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। इनमें ज्वालामुखी-देहरा ज्वाली-राजा का तालाब-जसूर, कलूर-धनेटा-बड़सर-बरठीं-बच्छाल, सलापड़-हरनोरा-कसोल-तत्तापानी-सुन्नी-लूहरी, द्रमण-सिंहूता-चुवाड़ी-जोत-चंबा और शिमला-नालागढ़-कनौली सड़कें शामिल हैं। इन पर केंद्र सरकार से वित्तीय मदद मांगी गई है।
शुक्रवार को सदन में शून्यकाल के दौरान अपने जवाब में विक्रमादित्य ने कहा कि इस पोर्टल के जरिये रणनीतिक, पर्यटन और औद्योगिक दृष्टि से आवश्यक सड़कों को प्राथमिकता में रखा जा रहा है। इस योजना में आने वाले समय में छैला-नेरीपुल-ओच्छघाट और रोहड़ू-कोटखाई-चैपाल-सोलन सड़कों को भी शामिल करने की मांग की जाएगी। कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के चौथे चरण में प्रदेश में 1500 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण होगा। इससे दुर्गम क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और समान विकास का लक्ष्य पूरा होगा।
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार का धन्यवाद किया तो विपक्ष के सदस्यों ने टेबल बजाकर इसका समर्थन किया। विक्रमादित्य ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार से हिमाचल को सड़कों के निर्माण और अपग्रेडेशन के लिए 3960 करोड़ रुपये मिले हैं। इसका वह धन्यवाद करते हैं। विपक्ष के सदस्य टेबल बजाने लगे ताे विक्रमादित्य बोले – यह हिमाचल प्रदेश के करदाताओं का ही पैसा है। राज्य सरकार इसे प्रदेश में लाने में सफल रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल अपना हक आगे भी लेता रहेगा।
इससे पहले शून्यकाल में पच्छाद की विधायक रीना कश्यप ने अपने क्षेत्र की खस्ताहालत सड़कों का मुद्दा उठाया। कहा कि सोलन-राजगढ़-मीनस सड़क, रेणुका-शिलाई सड़क और पच्छाद-रोहड़ू-कोटखाई-चैपाल-सोलन सड़क की हालत बेहद खराब है। बागवानों को भारी नुकसान हो रहा है और पिछले 15 दिन में इन सड़कों पर 13 हादसे हो चुके हैं। उन्होंने इन मार्गों को दुरुस्त करने और डबललेन बनाने की मांग की। रीना ने कहा कि राजगढ़-नौहराधार-मीनस सड़क की स्थिति बहुत खराब है। इसे चौड़ा किया जाना चाहिए। छैला-राजगढ़ सड़क को भी दुरुस्त करने को कहा। 15 दिन में 12 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। क्या डीपीआर बनी। सराहां से चंडीगढ़ सड़क को भी पक्का करवाएं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि रीना कश्यप को विश्वास दिलाना चाहते हैं। हिमाचल प्रदेश के संतुलित विकास में विश्वास रखते हैं।
