हिमाचल प्रदेश में अब रात के समय भी बाजारों की रौनक देखने को मिल सकती है। प्रदेश सरकार की ओर से दुकानों, होटल, ढाबों, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को 24 घंटे तक संचालित करने की अनुमति देने के फैसले का चंबा के कारोबारियों ने स्वागत किया है। हालांकि, व्यापारियों का कहना है कि इस फैसले का लाभ हर क्षेत्र में एक जैसा नहीं होगा।
कारोबारियों के मुताबिक शहरों, पर्यटन स्थलों और अस्पतालों के आसपास देर रात तक कारोबार की अच्छी संभावनाएं हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय ग्राहकों की संख्या कम होने के कारण इसका फायदा सीमित रह सकता है।
देर रात खरीदारी और खाने की सुविधा
24 घंटे कारोबार की अनुमति मिलने से देर रात सफर करने वाले लोगों, पर्यटकों, मरीजों और उनके तीमारदारों को राहत मिलने की उम्मीद है। रात के समय भोजन, दवाइयों से जुड़ा जरूरी सामान या अन्य आवश्यक वस्तुओं की जरूरत पड़ने पर लोगों को परेशानी कम हो सकती है।
व्यापार मंडल बनीखेत के प्रधान संजीव ठाकुर ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इसका अधिक लाभ शहरी और पर्यटन क्षेत्रों में मिलने की संभावना है। उनके अनुसार ग्रामीण इलाकों में देर रात लोगों की आवाजाही कम होने के कारण वहां इसका फायदा अपेक्षाकृत सीमित रहेगा।
होटल-ढाबा कारोबार को मिल सकते हैं नए अवसर
होटल व्यवसायी सुनील राणा के अनुसार होटल, ढाबे, रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए देर रात तक कारोबार करने के नए अवसर पैदा होंगे। कारोबारी अपने क्षेत्र में ग्राहकों की मांग और परिस्थितियों के अनुसार इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे।
वहीं व्यापार मंडल चुवाड़ी के प्रधान कुलभूषण धीमान ने कहा कि इस फैसले से कारोबार बढ़ने के साथ आम लोगों को भी सुविधा मिल सकती है।
मरीजों और राहगीरों के लिए भी राहत
ढाबा संचालक दिनेश गुप्ता ने कहा कि देर रात खाद्य प्रतिष्ठान खुले रहने से राहगीरों, मरीजों और उनके तीमारदारों को भोजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। दुकानदार आरिफ मलिक के मुताबिक रात में दुकानें खुली रहने से पर्यटकों के साथ अस्पतालों में मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों को भी जरूरी सामान आसानी से मिल सकेगा।
चालान के डर से भी राहत की उम्मीद
व्यापार मंडल चंबा के प्रधान वीरेंद्र महाजन ने कहा कि पहले देर रात तक दुकानें खोलने पर चालान होने का डर बना रहता था। नए फैसले से कारोबारियों को इस संबंध में राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि व्यापारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि हर बाजार में देर रात कारोबार की मांग एक जैसी नहीं होगी। जहां शहरों और पर्यटन क्षेत्रों में देर रात ग्राहक मिल सकते हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में कारोबारियों के लिए रातभर प्रतिष्ठान खोलना व्यावसायिक रूप से उतना फायदेमंद नहीं हो सकता।
अब देखना होगा कि 24 घंटे कारोबार की अनुमति मिलने के बाद हिमाचल के बाजारों में रात की रौनक कितनी बढ़ती है और कारोबारी वास्तव में कितनी देर तक अपने प्रतिष्ठान खुले रखते हैं।

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