
शिमला में स्कूल-कॉलेज बंद होने की खबर ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी। जिला प्रशासन के नाम से एक पत्र तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें शिमला जिले के स्कूलों, कॉलेजों समेत कई शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का दावा किया गया था। पत्र पर जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, शिमला के नाम के साथ हस्ताक्षर भी दिखाई दे रहे थे। ऐसे में कई विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षण संस्थान इसे वास्तविक सरकारी आदेश समझने लगे।
लेकिन इस वायरल पत्र के पीछे की सच्चाई कुछ और ही निकली।जिला प्रशासन शिमला ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पत्र फर्जी और भ्रामक है। प्रशासन की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे वायरल पत्र को आधिकारिक आदेश मानकर किसी तरह का निर्णय न लें।
📌 वायरल पत्र में क्या किया गया दावा?सोशल मीडिया पर प्रसारित पत्र में शिमला जिले के विभिन्न सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने की बात कही गई थी। इसमें स्कूल और कॉलेज के अलावा आंगनबाड़ी केंद्र, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कोचिंग सेंटर और नर्सिंग संस्थानों का भी उल्लेख किया गया था।पत्र को विश्वसनीय दिखाने के लिए इसमें जिला दंडाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, शिमला के नाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया। यही वजह रही कि कई लोगों को पहली नजर में यह वास्तविक सरकारी आदेश लगा।
⚠️ प्रशासन ने जारी किया अलर्टमामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने लोगों को सतर्क करते हुए साफ किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र को किसी भी स्थिति में आधिकारिक आदेश न माना जाए।प्रशासन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में अवकाश या उन्हें बंद रखने संबंधी आदेश केवल जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभाग के अधिकृत माध्यमों से ही जारी किए जाते हैं।
इसलिए विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों से अपील की गई है कि किसी भी वायरल मैसेज, स्क्रीनशॉट या पत्र के आधार पर स्कूल-कॉलेज बंद होने का फैसला न लें। पहले संबंधित विभाग या जिला प्रशासन के आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करें।🚨 फर्जी आदेश बनाने वालों पर होगी कार्रवाईजिला प्रशासन के नाम और अधिकारी के हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार करना गंभीर मामला माना गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि ऐसे फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि बिना सत्यापन किसी भी ऐसे संदेश या दस्तावेज को आगे शेयर न करें।
शिमला में स्कूल-कॉलेज बंद होने की वायरल खबर पर भरोसा करने से पहले सावधान रहें—वायरल हुआ आदेश असली नहीं, बल्कि फर्जी है।
