हिमाचल प्रदेश में सभी श्रेणी के व्यावसायिक वाहनों का परमिट, नवीनीकरण और काउंटर सिग्नेचर से संबंधित शुल्क बढ़ेगा। परिवहन विभाग ने हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन नियम में संशोधन का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन आरडी नजीम ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। आम जनता से 30 दिन के भीतर आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संशोधन पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। नियम लागू होने के बाद व्यावसायिक वाहनों का परमिट शुल्क नई दरों के अनुसार वसूल किया जाएगा। विभाग के अनुसार, वर्ष 1999 के बाद शुल्क बढ़ाया जा रहा है।

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार मोटर कैब, ऑटो रिक्शा, मैक्सी कैब, बसों, मालवाहक वाहनों और अन्य स्टेज कैरिज वाहनों के लिए परमिट शुल्क का नया ढांचा निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से शुल्क दरों में संशोधन नहीं हुआ था, इसलिए वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए नई दरें प्रस्तावित की गई हैं। ड्राफ्ट नियमों में यह भी प्रावधान किया गया है कि संशोधित शुल्क दरों में हर दो वर्ष बाद 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। बढ़ी हुई राशि को निकटतम 10 रुपये तक राउंड ऑफ किया जाएगा। हालांकि, भारत में विदेशी दूतावासों के स्वामित्व वाले परिवहन वाहनों के लिए जारी परमिट पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

अधिसूचना के अनुसार परमिट के लिए आवेदन करते समय नकद रसीद, ऑनलाइन भुगतान व ट्रेजरी चालान के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा करवाना होगा। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) को शुल्क प्राप्त होने पर आवेदक को अलग से रसीद जारी करनी होगी।

वाहन श्रेणीअस्थायी परमिट शुल्क (₹)नियमित परमिट शुल्क (₹)
मोटर कैब/ऑटो रिक्शा (कॉन्ट्रैक्ट कैरिज)5050
मैक्सी कैब (कॉन्ट्रैक्ट कैरिज)5050
बसें (राज्य के भीतर या ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट)7501500
हल्के मालवाहक वाहन (एलजीवी)100200
मध्यम/भारी मालवाहक वाहन100100
जीप स्टेज कैरिज (4+1 से 8+1 सीट क्षमता)100100
अन्य स्टेज कैरिज एवं निजी सेवा वाहन5001000
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 88(8) के तहत विशेष परमिट250500