राज्य बिजली बोर्ड से प्रतिनियुक्ति पर गए अधिकारियों और कर्मचारियों से समायोजन का विकल्प मांगा गया है। सरकार ने पावर कॉरेपोरशन, ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन, ऊर्जा निदेशालय और हिम ऊर्जा में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं देने वालों को स्थाई समायोजन का अवसर दिया है। बुधवार को ऊर्जा सचिव राकेश कंवर की ओर से राजपत्र में इस बाबत अधिसूचना जारी की गई। ऊर्जा क्षेत्र के संगठनों में मानव संसाधन प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इसके तहत बिजली बोर्ड के ऐसे कर्मचारी और अधिकारी जो वर्तमान में अन्य ऊर्जा-संबंधित विभागों में प्रतिनियुक्ति पर हैं, संबंधित संगठनों में स्थायी तौर पर समायोजित हो सकेंगे।

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों को आवर्ती विभागों में स्थायी रूप से विलय किए जाने का विकल्प चुनने की अनुमति होगी। यह कदम इन कर्मचारियों के दीर्घकालिक योगदान को मान्यता देने और उनकी सेवा स्थिति के बारे में अस्पष्टता को कम करने की दिशा में उठाया गया है। बिजली बोर्ड में मूल रूप से लागू नियुक्ति की शर्तें समायोजन के बाद भी अपरिवर्तित रहेंगी। समायोजन के बाद कर्मचारियों के करियर की प्रगति में कोई बाधा न आए, इसके लिए नए विभागों में पदोन्नति के अवसर भी निरंतर प्रदान किए जाएंगे। जहां आवश्यक होगा वहां व्यक्तिगत उपाय के रूप में अतिरिक्त पद सृजित किए जाएंगे। अधिसूचना के अनुसार पीसीएल, टीसीएल, ऊर्जा विभाग, हिम ऊर्जा या अन्य विभागों द्वारा सीधे भर्ती किए गए कर्मचारियों की करियर संभावनाओं की रक्षा भी की जाएगी। इन कर्मचारियों को अपने-अपने संगठनों में मौजूदा करियर प्रगति योजनाओं के तहत पदोन्नति मिलती रहेगी।