हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक का सर्वर हैक कर साइबर ठगों ने 11.55 करोड़ की ठगी को अंजाम देने के बाद 49,11,905 रुपये में 500 ग्राम सोने के बिस्कुट खरीद डाले। साथ ही ठगी की शेष राशि मुंबई, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक सहित देशभर के अन्य बैंकों के विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दी। साइबर क्राइम सेल की जांच में यह खुलासा हुआ है।

जांच में सामने आया है कि महाराष्ट्र के आरोपी मनोज जायसवाल ने मुंबई के मेसर्स अभय देव गोल्ड लिमिटेड के निदेशक राजेश कुमार और मोहन लाल जैन से सोने के बिस्कुट खरीदे थे। इसके अलावा ठगी की रकम में से 1,96,78,263 रुपये साइबर ठगों ने आरोपी सुरेश बाबू, सिल्वेस्टर ब्रिटो और शवाज पाशा के बैंक खातों से कर्नाटक की धनश्री सौहार्द कोऑपरेटिव सोसायटी (डीएससीएस) के लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित किए थे। जांच के मुताबिक आरोपी सुरेश को एक मशीन खरीदने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपने दोस्त सिल्वेस्टर ब्रिटो से संपर्क किया। इसके बाद उसे पाशा से मिलवाया। पाशा ने बताया कि पैसा डीएससीएस और एक्सट्रीम के बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया है।

जांच में यह भी पता चला है कि सिल्वेस्टर ब्रिटो और सुरेश बाबू ने धनश्री सौहार्द सहकारी लिमिटेड और एक्सट्रीम के बैंक खाते शवाज पाशा को उपलब्ध कराए थे। इसके बाद शवाज पाशा ने इन बैंक खातों को बंगलूरू में नाइजीरियाई नागरिक बेन अरिंज उर्फ जोनोउ मैग्लॉयर मार्टिन को दे दिया। 7 मई 2025 को राज्य सहकारी बैंक के मुख्य बैंकिंग सर्वर को हैक कर 11,55,56,417 की धनराशि निकाल ली गई। फिलहाल, अदालत ने आरोपी सुरेश बाबू की जमानत याचिका खारिज करते हुए उसे कैथू जेल भेजा है। अदालत ने बंगलूरू के सेंट थॉमस टाउन पोस्ट निवासी शवाज पाशा और मुंबई के दादर (पूर्व) निवासी राजेश कुमार मोहन लाल जैन की अग्रिम जमानत के आवेदन को खारिज किया है। पुलिस मामले में अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। साथ ही, 17 लोगों के नामजद कर चुकी ह

यह मामला 16 मई 2025 को बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत साइबर सेल शिमला में दर्ज हुआ है। मामले की जांच में सबसे पहले महाराष्ट्र के नवी मुंबई निवासी आरोपी संतोष बबन पाटिल (47) का नाम सामने आया था। सहकारी बैंक से ठगी के 49.59 लाख रुपये उसके खाते में स्थानांतरित किए गए थे। इसके बाद यूपी के यश धूरिया के बैंक खाते 9,97,065 रुपये और राजस्थान के लक्ष्मण मेडा के दो बैंक खातों में तीन अलग-अलग बार 29,85,611 रुपये की राशि स्थानांतरित की गई।

साइबर ठगों ने 78,57,481 रुपये मुंबई और जयपुर के चार बैंक खातों में जमा किए। इसमें 29,45,577 रुपये यूपी के आमिर हुसैन के खाते में और 49,11,904 रुपये मुंबई के राजेश कुमार जैन के खाते में स्थानांतरित किए गए थे। यश धूरिया, संतोष बबन पटियाल, आमिर हुसैन, मनोज जायसवाल, सुरेश बाबू और लक्ष्मण मेडा खाताधारकों और अन्य आरोपियों के बीच संपर्क सूत्र थे, मास्टरमाइंड कोई और ही है। आरोपियों के बैंक खाते का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति की ओर से भुगतान प्राप्त करने के लिए किया जाता है। फिलहाल, जांच टीम मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े मोहम्मद सलीम हुसैन, मुर्शाद, आलोक, किरण, छोटू, रेहान, मयंक, आशीष, राजेश कुमार जैन, अश्विन, चेतन, सिल्वेस्टर ब्रिटो, राजिंदर प्रसाद, नरसिंह मूर्ति, कुमार स्वामी और माधव रेड्डी की गिरफ्तारी में जुटी है।