हिमाचल: एक कमरे में पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई, 17 साल बाद भी अपने भवन को तरस रहा मटक माजरी स्कूल

सिरमौर, 26 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों के बीच सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र से सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति सामने आई है। माजरा शिक्षा खंड के तहत आने वाली राजकीय प्राथमिक पाठशाला मटक माजरी पिछले करीब 17 वर्षों से अपने भवन का इंतजार कर रही है। हालात ऐसे हैं कि पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई पंचायत के सामुदायिक भवन के एक ही कमरे में हो रही है।

एक कमरे में कक्षाएं, कार्यालय और स्टोर रूम

वर्ष 2009 में शुरू हुआ यह स्कूल आज भी अपने भवन के बिना संचालित हो रहा है। पंचायत के सामुदायिक भवन का एकमात्र कमरा ही बच्चों की कक्षाओं, शिक्षकों के कार्यालय, स्टाफ रूम और स्टोर रूम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों के लिए रोजमर्रा के कामकाज को व्यवस्थित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

स्कूल में बेहतर शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों के सहयोग से गड्ढे और पाइप के माध्यम से कामचलाऊ व्यवस्था की गई है। बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।

30 से घटकर 11 रह गई विद्यार्थियों की संख्या

जब वर्ष 2009 में स्कूल शुरू हुआ था, तब यहां 30 विद्यार्थी पढ़ते थे। लेकिन अब विद्यार्थियों की संख्या घटकर केवल 11 रह गई है। स्थानीय स्तर पर स्कूल की स्थिति सुधारने की मांग उठाई जा रही है। लोगों का मानना है कि यदि विद्यालय को अपना भवन और जरूरी सुविधाएं मिलें, तो बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकता है।

‘मेरा गांव मेरा देश’ संस्था के संचालक अनुराग गुप्ता और अध्यक्ष पुष्पा खंडूजा ने स्कूल की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां पढ़ने वाले बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

17 साल बाद भी जमीन का इंतजाम नहीं

स्कूल प्रभारी शिप्रा सैनी के अनुसार, विद्यालय के भवन के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का मामला कई बार शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक जमीन की व्यवस्था नहीं हो पाई है। करीब 17 वर्षों से स्कूल सामुदायिक भवन के एक कमरे में चल रहा है और वर्तमान में यहां केवल 11 विद्यार्थी रह गए हैं।

वहीं, माजरा के खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी रामपाल ने बताया कि स्कूल भवन के लिए पहले भी जमीन उपलब्ध करवाने के प्रयास किए गए हैं, लेकिन अभी तक उपयुक्त भूमि का बंदोबस्त नहीं हो सका है।

अब इंतजार है अपने भवन का

मटक माजरी स्कूल की स्थिति एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर पहली से पांचवीं तक के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल कब मिलेगा? करीब 17 वर्षों से अपने भवन की प्रतीक्षा कर रहे इस विद्यालय को अब भी जमीन मिलने का इंतजार है। फिलहाल, एक कमरे में पांच कक्षाओं का संचालन और बुनियादी सुविधाओं की कमी बच्चों की पढ़ाई के सामने चुनौती बनी हुई है।