
हिमाचल: पर्यटन क्षेत्र में ₹15,000 करोड़ तक निवेश की योजना, हवाई सेवाओं का होगा विस्तार
शिमला, 26 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ से 15,000 करोड़ रुपये तक निवेश करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पर्यटन क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने और हाई-एंड पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इस योजना से प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार पर खर्च होंगे 3,000 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण पर 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। एयरपोर्ट का विस्तार होने के बाद बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा। इससे प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने और पर्यटन कारोबार को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट से जोड़ने की तैयारी
प्रदेश में हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार सभी जिला मुख्यालयों को हेलीपोर्ट सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसके अलावा, शिमला से कनेक्टिंग फ्लाइट शुरू करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य पर्यटकों के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाना और प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान करना है।
सरकार हवाई सेवाओं के संचालन में सहयोग देने के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के तहत 35 करोड़ रुपये भी उपलब्ध करवा रही है।
लग्जरी और वेलनेस पर्यटन पर रहेगा जोर
सरकार की योजना केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिक खर्च करने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हाई-एंड पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत बेहतर आवास सुविधाओं, लग्जरी होटल, रिसॉर्ट, वेलनेस सुविधाओं, गोल्फ पर्यटन और स्थानीय संस्कृति व प्रकृति से जुड़े विशेष अनुभवों को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा। इससे पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ने और स्थानीय पर्यटन कारोबार को लाभ मिलने की संभावना है।
60 ईको-टूरिज्म साइट्स से 22 करोड़ रुपये की आय
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में 60 ईको-टूरिज्म साइट्स को लीज पर दिया गया है, जिनसे राज्य सरकार को 22 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। ईको-टूरिज्म के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन से जोड़ने और नए पर्यटन विकल्प विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं, नालदेहरा गोल्फ कोर्स को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि गोल्फ कोर्स को पर्यटकों के लिए खोला गया है। इसके विकास के लिए राज्य सरकार ने 1.82 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए हैं।
पर्यटन से अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
राज्य सरकार का मानना है कि पर्यटन सुविधाओं और हवाई संपर्क का विस्तार होने से प्रदेश में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है। इससे होटल कारोबार, परिवहन, स्थानीय दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों को लाभ मिलने की संभावना है।
हालांकि, 10,000 से 15,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश की परियोजनावार जानकारी और कार्यान्वयन की विस्तृत समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि योजनाओं को किस गति से जमीन पर उतारा जाता है और इनका लाभ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक किस तरह पहुंचता है।
