कांगड़ा में पांच साल में 879 लोग HIV पॉजिटिव, पुरुषों की संख्या महिलाओं से करीब तीन गुना

कांगड़ा, 26 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में एचआईवी संक्रमण के आंकड़ों ने स्वास्थ्य विभाग के सामने जागरूकता और समय पर उपचार सुनिश्चित करने की चुनौती को सामने रखा है। अप्रैल 2021 से सितंबर 2026 तक जिले में कुल 879 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए। इनमें 643 पुरुष, 234 महिलाएं और दो ट्रांसजेंडर शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, संक्रमितों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में करीब तीन गुना रही।

2025-26 में सामने आए सबसे ज्यादा मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में एचआईवी संक्रमण के 105 मामले सामने आए थे। 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 138, 2023-24 में 155 और 2024-25 में 173 हो गई। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में सबसे अधिक 216 लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए।

इसके अलावा, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 92 नए मामले दर्ज किए गए। इस तरह अप्रैल 2021 से सितंबर 2026 तक संक्रमितों की कुल संख्या 879 हो गई।

संक्रमितों को उपचार से जोड़ने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी केंद्र (एआरटीसी) से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

वित्त वर्ष 2021-22 में संक्रमित पाए गए 105 लोगों में से 95 को उपचार से जोड़ा गया। 2022-23 में 138 में से 122, 2023-24 में 155 में से 147 और 2024-25 में 173 में से 158 लोग उपचार से जुड़े।

वित्त वर्ष 2025-26 में 216 संक्रमितों में से 207 को उपचार से जोड़ा गया। वहीं, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच सामने आए 92 मामलों में से 91 लोगों को उपचार से जोड़ा गया।

पांच साल में 36 मौतें दर्ज

जिले में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2021 से सितंबर 2026 तक एचआईवी संक्रमित लोगों में कुल 36 मौतें दर्ज की गईं। इनमें 2021-22 में 10, 2022-23 में 12, 2023-24 में छह, 2024-25 में छह और 2025-26 में दो मौतें शामिल हैं। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच किसी मौत की सूचना दर्ज नहीं की गई।

एचआईवी से बचाव के लिए जांच और जागरूकता जरूरी

जिला एड्स कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश सूद ने बताया कि एचआईवी संक्रमण को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को समय पर जांच के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त और संक्रमित सुई या सिरिंज साझा करने से एचआईवी फैल सकता है। हालांकि, हाथ मिलाने, साथ बैठने या भोजन साझा करने जैसे सामान्य संपर्क से यह संक्रमण नहीं फैलता।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण की आशंका होने पर समय पर जांच करवाना और एचआईवी की पुष्टि होने पर नियमित उपचार लेना महत्वपूर्ण है। समय पर पहचान और उचित उपचार से एचआईवी के साथ भी स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।

(नोट: यह समाचार उपलब्ध आंकड़ों और स्वास्थ्य विभाग के हवाले से दी गई जानकारी पर आधारित है।)