
हिमाचल प्रदेश में होम स्टे के नाम पर पंजीकरण कर होटलों का संचालन किया जा रहा है। हिमाचली होम स्टे एसोसिएशन ने पर्यटन विभाग को 454 अवैध होम स्टे और बीएंडबी की सूची सौंपकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। प्रदेश सरकार की ओर से अधिसूचित होम स्टे रूल्स 2025 के तहत अधिकतम 6 कमरों के संचालन का प्रावधान किया गया है, जबकि राजधानी शिमला सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर 20-20 कमरों के होटल होम स्टे के नाम पर चलाए जा रहे हैं।
एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रधान सचिव, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन देवेश कुमार से प्रदेश सचिवालय में मुलाकात कर प्रदेश में धड़ल्ले से चलाए जा रहे अवैध होम स्टे और बीएंडबी को लेकर जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष सचिव पर्यटन विजय कुमार को भी अपनी मांगों से अवगत करवाया। होम स्टे के पंजीकरण में औपचारिकताएं कम होने के चलते होटल संचालक गड़बड़ी कर रहे हैं। राजधानी शिमला के साथ लगते कुफरी, फागू, चियोग, भलखू रोड क्षेत्र में ही सैकड़ों अवैध होम स्टे और बीएंडबी चलाए जा रहे हैं।
शिमला शहर में भी खुलेआम लीज पर भवन लेकर होटलों की तर्ज पर बीएंडबी का संचालन हो रहा है। हिमाचली होम स्टे एसोसिएशन ने सरकार को अवगत करवाया है कि अवैध रूप से होम स्टे के नाम पर होटलों का संचालन करने वाले लोग अब होम स्टे रूल्स 2025 के अंतर्गत पंजीकरण करने की फिराक में है। ऐसे आवेदनों पर पर्यटन विभाग को सख्त नजर रखने की जरूरत है, जिससे होम स्टे पालिसी का दुरुपयोग न हो। हिमाचली होम स्टे एसोसिएशन की अध्यक्ष तनुजा धांटा ने बताया कि प्रदेश सरकार से सिल्वर श्रेणी के होम स्टे के लिए बनाए गए नियमों में आंशिक संशोधन का भी आग्रह किया गया है।
होम स्टे एसोसिएशन ने अवैध रूप से चलाए जा रहे होम स्टे और बीएंडबी की जानकारी दी है। प्रदेश के सभी जिला पर्यटन विकास अधिकारियों को तुरंत अवैध रूप से चल रही इकाइयों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने होम स्टे संचालकों के हितों को ध्यान में रखकर होम स्टे नियम अधिसूचित किए हैं। नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में सहन नहीं होगा। – देवेश कुमार, प्रधान सचिव, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन
होटलों के पंजीकरण के लिए राजस्व दस्तावेजों के अलावा टीसीपी, साडा, नगर निगम या नगर परिषद से अनुमोदित बिल्डिंग प्लान, फायर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय निकाय का अनापत्ति प्रमाणपत्र, जीएसटी पंजीकरण संख्या के अलावा बिजली और पानी की व्यवसायिक दरों पर भुगतान करना अनिवार्य है। जबकि होम स्टे रूल्स 2025 के तहत सिल्वर श्रेणी के किसी भी प्रकार की एनओसी और जीएसटी नंबर देने की जरूरत नहीं है। बिजली-पानी भी घरेलू दरों पर चुकाया जा सकता है।
