
बीएसएनएल की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शिमला में आयोजित रजत जयंती समारोह में हिमाचल प्रदेश दूरसंचार परिमंडल के मुख्य महाप्रबंधक चरण सिंह ने संस्था की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल अब मजबूती से आगे बढ़ रहा है और स्वदेशी तकनीक के सहारे राष्ट्रीय सेवा का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारतनेट कार्यक्रम के अंतर्गत 2027 तक हिमाचल प्रदेश की 3615 ग्राम पंचायतों और 15,500 अन्य स्थानों को तेज इंटरनेट सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी राजन कंबोज, वी प्रकाश और राम गोपाल मीणा भी मौजूद रहे।
मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि बीएसएनएल ने लगभग 18 वर्षों बाद पहली बार लगातार दो महीनो में लाभ दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 262 करोड़ और चौथी तिमाही में 280 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। इस अवधि में एक करोड़ से अधिक नए उपभोक्ता जुड़े और औसत आय (एआरपीयू) में भी वृद्धि हुई। प्रदेश परिमंडल ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्ष 2023-24 के 260 करोड़ रुपये के राजस्व की तुलना में 2024-25 में 325 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर 25 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की। चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भी 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज करते हुए राजस्व 80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
राज्य में अब तक 1912 4जी टावर चालू किए गए हैं, जिनमें से 532 टावर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं। इसके माध्यम से लाहौल-स्पीति, किन्नौर, पांगी, भरमौर और तिस्सा के 881 गांवों तक तेज इंटरनेट सुविधा पहुंची है। वर्तमान में बीएसएनएल के हिमाचल में 17 लाख से अधिक मोबाइल उपभोक्ता हैं और बीते एक वर्ष में तीन लाख नए ग्राहक जुड़े हैं। फाइबर टू द होम (एफटीटीएच) सेवाओं में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अगस्त 2025 तक कुल 80,810 उपभोक्ता जुड़े जबकि सितंबर में 9270 नए उपभोक्ता जुड़े। इससे यह स्पष्ट होता है कि उपभोक्ताओं का भरोसा बीएसएनएल की उच्च गति ब्रॉडबैंड सेवा पर लगातार बढ़ रहा है।
