हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच बुधवार को शिमला, सोलन, सिरमाैर, किन्नाैर, कांगड़ा और कुल्लू जिले में जोरदार बारिश हुई। प्रदेश की अति दुर्गम यात्राओं में शामिल किन्नौर कैलाश यात्रा पर गए दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। एक श्रद्धालु की पहाड़ी से गिरने से और दूसरे की ठंड से मौत हुई है। मृतकों में एक श्रद्धालु की पहचान हुई है, जो कि पश्चिम बंगाल का रहने वाला राजीव कुंडू बताया जा रहा है। खराब मौसम के चलते जिला प्रशासन ने किन्नाैर कैलाश यात्रा तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से स्थगित कर दी है।  रामपुर में दो और कुल्लू जिले के निरमंड खंड की रहाणू पंचायत के उर्दू गांव में एक जगह नौणी नाले में बादल फटने से अफरातफरी मच गई। रामपुर में रात 10:30 बजे दो जगह बादल फटे। डंसा के शांदल नाले में बादल फटने से बाढ़ आ गई। तकलेच के दर्शन नाले में भी बादल फटने से नोगली खड्ड में जलस्तर बढ़ गया। दरशल में सड़क को क्षति पहुंची है। उधर, दोपहर करीब एक बजे कुल्लू जिले के निरमंड खंड की रहाणू पंचायत के उर्टू गांव में बहने वाले नौणी नाले में बादल फटने से क्षेत्र में बाढ़ आ गई। बाढ़ की चपेट में आने से पांच घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि छह दुकानें और पार्क किए छह वाहनों को भी नुकसान हुआ है। खराब मौसम के चलते कई जिलों में बुधवार को शिक्षण संस्थान बंद रखे गए।

जिला किन्नौर में तांगलिंग और कांगरांग नालों पर बने पुल तेज बहाव के कारण बह गए। इस कारण किन्नौर कैलाश यात्रा स्थगित करना पड़ी है। अब तक 716 श्रद्धालुओं को तांगलिंग को सुरक्षित निकाल लिया गया है। जो श्रद्धालु अभी भी यात्रा मार्ग पर हैं, उन्हें मिल्लिंग खाटा और गुफा जैसे सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है। विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक पर गुम्मन, कोटी और सनवारा रेलवे स्टेशन के बीच पहाड़ी से ट्रैक पर मलबा आ गया। इससे अप-डाउन की छह ट्रेनों को रेलवे बोर्ड ने रद्द कर दिया।

शिमला और भुंतर में हवाई उड़ानें भी नहीं हुईं। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में मंगलवार रात से बुधवार दोपहर तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहा। जगह-जगह भूस्खलन से मंडी-पठानकोट, चंडीगढ़-मनाली एनएच, कुल्लू में नेशनल हाईवे-305 और पूह-काजा एनएच-3 स्कीबा के पास बंद रहा। प्रदेश में बुधवार शाम तक 533 सड़कें, 635 बिजली के ट्रांसफार्मर और 266 पेयजल योजनाएं ठप रहने से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मंडी जिले के द्रंग के मासड़ में भूस्खलन की चपेट में भूस्खलन की चपेट में गोशाला के आने से तीन गाय और एक बछड़ी मलबे में दब गई। एक महिला इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बची।

बुधवार को कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर चक्कीमोड़ में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए। इससे चार घंटे तक आवाजाही ठप हो गई। कोटी बघोटी में एक कच्चा मकान गिर गया। नालागढ़ में रामशहर की नंड पंचायत के कटली गांव में भूमि कटाव के चलते पूरे गांव को प्रशासन ने खाली करवा दिया है। इस गांव के 18 परिवारों के 74 सदस्यों को साथ लगते मंदिर व उनके रिश्तेदारों के घरों में शिफ्ट कर दिया है। बढ़े जलस्तर के चलते पांवटा साहिब में यमुनाघाट पर गोताखोरों की टीम तैनात की है।

मंडी-पठानकोट हाईवे पर जोगिंद्रनगर से मंडी तक कई स्थानों पर दरारें आ गई हैं। चंडीगढ़-मनाली एनएच पंडोह से औट तक जगह-जगह भूस्खलन से बीते मंगलवार रात आठ बजे से ठप है। दवाड़ा फ्लाईओवर को पहाड़ी से आई चट्टानों ने भारी नुकसान पहुंचाया है। कुल्लू में हाईवे-305 चार जगहों पर भूस्खलन से वाहनों के लिए बंद है। जिले के मुख्य मार्ग भुंतर-मणिकर्ण, बंजार-गुशैणी व लारजी-सैंज भी बंद हैं। बग्गा के पास भूस्खलन से चंबा में भरमौर-पठानकोट हाईवे पर एक घंटा यातायात बंद रहा। कांगड़ा जिले में बुधवार सुबह मौसम साफ रहा। दोपहर बाद धर्मशाला सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। पौंग बांध से बुधवार को करीब 13.300 क्यूसिक पानी छोड़ा गया।

प्रदेश के कई क्षेत्रों में वीरवार को भी बारिश का येलो अलर्ट जारी हुआ है। 12 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया गया है। सात और आठ अगस्त को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और 9 से 12 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।

क्षेत्र बारिश मिलीमीटर में
कसौली145
सुंदरनगर80
शिमला 71
कांगड़ा71
बिलासपुर 70
धर्मशाला68
धौलाकुआं67
मंडी65
नाहन44
सोलन35