
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मंडी से सांसद कंगना रणौत के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर 30 अक्तूबर को सुनवाई होगी। इस दिन इशु फ्रेम होंगे। अदालत की ओर से तय को मुद्दों निर्धारित करने के बाद दोनों पक्षों को पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने इससे पहले मामले को अतिरिक्त रजिस्टर न्यायिक के समक्ष दस्तावेजों की स्वीकृति और अस्वीकृति के लिए सूचीबद्ध करने के आदेश दिए थे।
गौरतलब है कि किन्नौर जिला निवासी लाइक राम नेगी ने कंगना के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है। चुनाव याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि लाइक राम नेगी के नामांकन पत्र को गलत ढंग से अस्वीकार किया गया। उन्होंने 14 मई 2024 को मंडी लोकसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। लाइक राम नेगी ने याचिका में मंडी लोकसभा चुनाव को रद्द करने की मांग की है।
चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी। याचिकाकर्ता डॉ. राकेश कुमार कपिला ने एक निजी प्रतिवादी को कुलपति नियुक्त करने पर आपत्ति जताई है। आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठता को दरकिनार कर कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति की गई है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत इस मामले की सुनवाई कर रही है। अदालत ने 7 अक्तूबर को तत्काल कोई अंतरिम आदेश पारित करने से पहले राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाबतलब किया है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया था कि विश्वविद्यालय अधिनियम 1986 की धारा 24 (5) में यह स्पष्ट प्रावधान है कि नियमित कुलपति की नियुक्ति होने तक सबसे वरिष्ठ संकाय सदस्य को कुलपति नियुक्त किया जाएगा। ऐसे में प्रतिवादी राज्य सरकार की ओर से निजी प्रतिवादी को कुलपति के रूप में नियुक्त करने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने अदालत को बताया कि कार्यवाहक कुलपति याचिकाकर्ता से कनिष्ठ हैं।
