उपमंडल सुन्नी के भराड़ा गांव के 18 ग्रेनेडियर के अनंत राम ने महज 23 वर्ष की आयु में कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था, लेकिन उनके नाम पर भराड़ा उच्च विद्यालय का नामकरण करने में सरकार को 25 साल का लंबा समय लग गया। उनके चचेरे भाई पूर्ण सिंह ने बताया कि तत्कालीन सरकार ने भराड़ा के उच्च विद्यालय का नाम बलिदानी के नाम पर करने की घोषणा की थी, लेकिन 25 वर्षों तक यह घोषणा पूरी नहीं हो पाई। तीन महीने पहले भराड़ा उच्च विद्यालय का नाम बलिदानी अनंत राम राजकीय उच्च विद्यालय रखा गया है। बलिदानी के नाम पर स्कूल का नामकरण होने से परिवार को संतोष है लेकिन घोषणा को इतना लंबा समय लगने पर रोष भी है। उन्होंने बताया कि बलिदानी अनंत राम 20 वर्ष की आयु में सेना में भर्ती हुए और तीन वर्षों तक सेवाएं देने के बाद देश की रक्षा करते हुए वह बलिदान हो गए।