मंडी में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले का नेटवर्क हिमाचल से बाहर उत्तर प्रदेश और नेपाल तक फैला हुआ है। आरोपी ने लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेश के लिए तैयार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वर्ष 2025 में मंडी के कमांद में एक कंपनी खोलकर निवेश की गतिविधियां शुरू की थीं। लोगों को 60 से 70 दिन में उनकी रकम दोगुनी करने का भरोसा दिया जाता था। शुरुआती निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए एक खास तरीका अपनाया गया।


निवेशक जब रकम लगाते थे तो कुछ समय बाद उनके खाते में निवेश से बढ़ी हुई रकम दिखाई जाती थी। कई मामलों में एक से दो घंटे के भीतर ही निवेश पर दोगुना मुनाफा दिखाकर लोगों का भरोसा मजबूत किया गया। इसके बाद निवेशक खुद अधिक पैसा लगाने लगे और अपने परिचितों को भी इस योजना में शामिल करने लगे।


आरोपी मुख्य रूप से संस्थानों के आसपास ही अपना कार्यालय खोलता था, ताकि आसानी से संभावित निवेशकों को अपने जाल में फंसाया जा सके। जब पर्याप्त रकम जमा हो गई तो कथित तौर पर वेबसाइट का सर्वर डाउन होने की बात कही गई। इसके बाद निवेशकों को न तो उनकी मूल रकम वापस मिली और न ही उन्हें दिखाया गया कथित मुनाफा।


पुलिस जांच में अब तक करीब 22 लोगों के निवेश से जुड़े विवरण सामने आए हैं। उपलब्ध शिकायतों और दस्तावेजों के आधार पर ठगी की रकम चार करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।


जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का नेटवर्क उत्तर प्रदेश और नेपाल तक जुड़ा हुआ है और वहां भी ठगी की शिकायतों से उसके संबंध की जांच की जा रही है। आरोपी महाराष्ट्र का रहने वाला बताया गया है, जबकि उसका ससुराल कांगड़ा जिले में है।
मामले को लेकर एसपी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस नियमानुसार जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आए वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है।