
हिमाचल के 155 सरकारी CBSE स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती अटकी, मेरिट आधारित पोस्टिंग पर संकट
हिमाचल प्रदेश के 155 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सरकार की मेरिट आधारित पोस्टिंग योजना फिलहाल अटक गई है। शिक्षा विभाग अब इस व्यवस्था में बदलाव कर नई नियुक्तियों के जरिए स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती करने की नीति पर काम कर रहा है।
सरकार ने पहले तय किया था कि सीबीएसई स्कूलों के लिए चयन परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों से तीन-तीन स्कूलों के विकल्प लिए जाएंगे। इसके बाद शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, सेवा रिकॉर्ड और मेरिट के आधार पर उन्हें स्कूल आवंटित किए जाने थे।
लेकिन प्रक्रिया के दौरान एक बड़ा प्रशासनिक पेच सामने आया। नए सीबीएसई स्कूलों में जिन 5,623 शिक्षकों को भेजा जाना है, वहां पहले से नियुक्त शिक्षकों को कहां समायोजित किया जाएगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। इसी वजह से मार्च 2026 में स्क्रीनिंग परीक्षा और उसके बाद चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद अंतिम तैनाती का रास्ता साफ नहीं हुआ।
9,821 शिक्षकों ने दी थी परीक्षा
स्क्रीनिंग परीक्षा में कुल 9,821 शिक्षक शामिल हुए थे। इनमें से 6,084 शिक्षकों को पात्र घोषित किया गया। इसके बावजूद अंतिम पोस्टिंग प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
इस मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट भी सरकार को सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया नियमानुसार जल्द पूरी करने के निर्देश दे चुका है। अदालत ने रिक्त पदों, पात्र अभ्यर्थियों और लंबित नियुक्तियों का पूरा ब्योरा भी मांगा है।
वहीं, हाईकोर्ट राज्य सरकार के सीबीएसई सब-कैडर गठन और स्क्रीनिंग परीक्षा मॉडल को पहले ही वैध ठहरा चुका है। इसके बावजूद तैनाती से जुड़ी प्रशासनिक दिक्कतें बनी हुई हैं।
एक माह में करीब 4 हजार पद भरने का लक्ष्य
शिक्षा विभाग अगले एक माह में करीब चार हजार पदों पर नियुक्तियां पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। विभिन्न विषयों में करीब एक हजार शिक्षकों की नियुक्तियां किए जाने की भी जानकारी दी गई है।
अब मुख्य सवाल यह है कि 5,623 शिक्षकों की मेरिट आधारित पोस्टिंग की पुरानी व्यवस्था लागू होगी या सरकार नई नीति के तहत तैनाती की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट सब कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। मुख्यमंत्री के ध्यान में भी यह मामला है और जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा।
फिलहाल हजारों शिक्षक सरकार के अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
